मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा, हर अंत्योदय परिवार में रोजगार के साधन खड़े करेंगे: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 9 अक्तूबर-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में 1.80 लाख रुपये सालाना आमदनी वाले अंत्योदय परिवारों के लिए रोजगार के नए साधन खड़े किए जाएंगे। अंत्योदय परिवारों को पशुपालन के लिए सस्ते ऋण के साथ-साथ दूध पर प्रति लीटर 10 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी जिसका उपयोग उसके ऋण की अदायगी में किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अंत्योदय परिवारों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ नई योजनाएं शुरू करने के लिए भी व्यापक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अंत्योदय परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा उनके लिए रोजगार के नए साधन तैयार करने के लिए विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के प्रभाव की समीक्षा की तथा उन्हें ऋण उपलब्ध करवाने के लिए बैंक अधिकारियों को आवश्यक हिदायतें दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय परिवारों के लिए रोजगार के साधन तैयार करने के लिए सभी विभागों की योजनाओं तथा बैंकों की ऋण सुविधाओं का समन्वय किया जाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दूध की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अंत्योदय परिवारों को दूध उत्पादन से जोड़ना काफी लाभदायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को भैंस खरीदने के लिए जहां पशुपालन विभाग 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दे रहा है वहीं वीटा के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। ऐसी भैंसों का दूध वीटा खरीदेगा और प्रति लीटर 10 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि सरकार देगी। महिला स्वयं सहायता समूहों तथा अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इनके ब्याज का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को इस वर्ष कम से कम 15000 भैंसों को पर ऋण उपलब्ध करवाने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी अंत्योदय परिवारों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई योजनाएं तैयार करें। उन्होंने सभी जिलों में अधिक से अधिक हर हित स्टोर, वीटा बूथ और मिल्क बार खोलने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी प्रदेश में 1450 हर हित स्टोर चल रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को 1 नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर तथा 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार तथा सांझा बाजार खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों में पंचायती जमीन पर हर हित स्टोर व वीटा बूथ खुलवाने के लिए पंचायत विभाग तथा शहरी क्षेत्रों के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव, कॉलोनी, सेक्टर तथा हाउसिंग सोसायटियों में हर हित स्टोर और वीटा मिल्क बूथ खोले जाएं।
‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा ने बताया कि हरियाणा में अंत्योदय परिवारों की आय के साधनों को बढ़ाने के लिए अंत्योदय मेलों का आयोजन शुरू किया गया था जिनके काफी अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इन मेलों में भागीदारी करने के लिए अंत्योदय परिवारों को विभिन्न माध्यमों से आमंत्रित किया जाता है और उनकी रुचि के अनुसार रोजगार शुरू करवाने के लिए उन्हें बैंकों से ऋण दिलवाने में मदद की जाती है। इसके लिए 19 विभागों की 47 स्कीमों के माध्यम से अंत्योदय परिवारों को स्वरोजगार शुरू करवाने में मदद की जाती है। 2021 में शुरू किए गए इसके पहले चरण में 1.35 लाख परिवारों के ऋण स्वीकृत हुए हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के दूसरे चरण की शुरुआत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा 11 दिसंबर 2025 को की गई जिसके तहत अब तक सभी जिलों में एक-एक जिला स्तरीय अंत्योदय मेला आयोजित किया जा चुका है। इनमें 67096 परिवारों को आमंत्रित किया गया था जिनमें से 20103 परिवारों को परामर्श दिया गया और 15159 ऋण आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11687 आवेदनों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि इसके अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में अंत्योदय मेले आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंत्योदय मेलों को विभागीय योजनाओं के साथ एकीकृत किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों को रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि बैंक गरीब लोगों को लोन देने से न कतराएं। यदि जरूरत हुई तो बैंकों के ब्याज की भरपाई सरकार अपने स्तर पर करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अगले एक साल के दौरान लगाए जाने वाले अंत्योदय मेलों को कलेंडर तैयार किया जाए ताकि इनमें अधिक से अधिक लोगों को आमंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समय की जरूरत के अनुसार ऐसे नए स्वरोजगारों की सूची बनाएं जिनके माध्यम से अंत्योदय परिवारों को नए रोजगारों से जोड़ा जा सके।
बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, ‘सेवा’ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, कृषि व पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, श्री विजय सिंह दहिया, श्री अशोक कुमार मीणा तथा मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।







