रामलीला, दुर्गा पूजा एवं गरबा आयोजकों से अश्लील एवं अभद्र प्रस्तुतियों से बचने का आग्रह
गुरुग्राम। विश्व हिंदू परिषद हरियाणा प्रांत के प्रांत मंत्री श्री यशवंत शेखावत ने हरियाणा में आयोजित होने वाले श्री रामलीला, दुर्गा पूजा, गरबा सहित अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में प्रदेश में कुछ धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान अश्लील, भद्दे, अभद्र एवं आपत्तिजनक दृश्यों तथा गानों के जबरन प्रयोग किए जाने की बातें सामने आई हैं। इस प्रकार के दृश्यों की न तो कोई उपयोगिता है, न धार्मिक महत्व और न ही उनका कोई औचित्य है। ऐसी प्रस्तुतियों को लेकर समाज के अनेक लोगों ने आपत्ति भी व्यक्त की है तथा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी ऐसे विषय चर्चा में आए हैं।
यशवंत शेखावत ने कहा कि हमारे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का मूल उद्देश्य धार्मिक आस्था, श्रद्धा, संस्कार, विश्वास और उच्च सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। ऐसे में यदि इन आयोजनों में ऐसी प्रस्तुतियां शामिल होती हैं, जो धार्मिक भावनाओं और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं, तो इससे इन पवित्र आयोजनों की मूल भावना और गरिमा प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद मीडिया के माध्यम से हरियाणा की सभी श्री रामलीला समितियों, दुर्गा पूजा समितियों, गरबा आयोजक समितियों तथा अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ी संस्थाओं, समितियों और समाजसेवियों से विशेष आग्रह करती है कि आयोजन की योजना बनाते समय शुचिता, पवित्रता, धार्मिक मर्यादा और सामाजिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
श्री शेखावत ने कहा कि हमारे पौराणिक ग्रंथों और लोक परंपराओं में रामायण सहित धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में आस्था, संस्कार, सद्भाव और उच्च जीवन मूल्यों को स्थापित करना रहा है। इसलिए आवश्यक है कि इन आयोजनों की मूल धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावना को बनाए रखते हुए कार्यक्रमों का स्वरूप निर्धारित किया जाए और ऐसे दृश्यों, गीतों अथवा प्रस्तुतियों से बचा जाए, जो इनकी गरिमा को प्रभावित करते हों।
उन्होंने कहा कि गरबा नाइट्स एवं डांडिया नाइट्स जैसे आयोजनों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावना प्रशंसनीय है, लेकिन आयोजकों को ऐसे आयोजनों में अवांछित एवं अनैतिक मानसिकता वाले लोगों के प्रवेश पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। गलत उद्देश्य से ऐसे आयोजनों में प्रवेश करने वालों के कारण लव जिहाद सहित बहन-बेटियों के साथ अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बढ़ती है। इसलिए आयोजक प्रवेश एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि रामलीला, दुर्गा पूजा, गरबा और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन के अवसर नहीं, बल्कि हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े आयोजन हैं। इसलिए सभी आयोजक समितियां इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आयोजनों की धार्मिक आस्था, शुचिता और धार्मिक चरित्र को बदरंग होने से बचाया जाए।
विश्व हिंदू परिषद एक सामाजिक संगठन के रूप में ऐसे आयोजनों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने के प्रयासों में आयोजक समितियों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेगा।








