कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने निकाला विरोध जुलूस, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता, चुनावी अनियमितताओं की जांच की मांग

गुरुग्राम, 8 अक्टूबर। ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने गुरुवार को गुरुग्राम में विरोध जुलूस निकाला। भाजपा पर वोट चोरी और चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शामिल हुए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता पानीपत के पूर्व विधायक वीरेंद्र पाल शाह ने की।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने मतदाता सूचियों और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मताधिकार की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए विपक्ष एकजुट होकर संघर्ष करेगा।
संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई : शाह
पूर्व विधायक वीरेंद्र पाल शाह ने भाजपा पर मतों में हेरफेर के जरिए सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल सत्ता का नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का है। कथित वोट चोरी के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन सड़क से संसद तक जारी रहेगा।
शाह ने सरकार के आयोजनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सड़कों पर उतर रही है, जबकि सरकार जश्न मनाने और एक व्यक्ति के महिमामंडन में व्यस्त है।
मतदाता के विश्वास से खिलवाड़ स्वीकार नहीं : डावर
कांग्रेस के गुरुग्राम शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर ने आरोप लगाया कि हरियाणा सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चुनाव आयोग की मिलीभगत से मतों में हेरफेर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने सबूतों के साथ कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया है और अब जनता भी इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर रही है।
डावर ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार उनका ध्यान भटकाने में लगी है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन का हर कार्यकर्ता मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट है। गुरुग्राम सहित देशभर में हो रहे प्रदर्शन जनता के बढ़ते असंतोष को सामने ला रहे हैं। उन्होंने सरकार पर जनहित की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
मतदाता सूचियों की उच्चस्तरीय जांच हो : वर्धन यादव
कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता सूचियों से पात्र लोगों के नाम काटे गए और फर्जी मतदाता जोड़े गए। उन्होंने इन आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना और उसका वोट सुरक्षित रहना जरूरी है।
वर्धन यादव ने कहा कि यदि मताधिकार की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े होंगे तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के आक्रोश और विपक्ष के सवालों के बावजूद सरकार जवाबदेही से बच रही है।
वाम दलों ने भी उठाए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व राज्य सचिव सुरेंद्र मलिक और जिला सचिव उषा सरोहा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली से मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों के मताधिकार पर खतरा पैदा हुआ है। दोनों नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए साझा संघर्ष पर जोर दिया।
पार्टी नेता ईश्वर सिंह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग सत्ता पक्ष के प्रभाव में काम कर रहा है। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के प्रतिनिधि कोमल सिंह ने सरकार पर राजनीतिक नैतिकता और जवाबदेही की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं के आरोपों पर जनता को स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में युवा प्रदेश अध्यक्ष निशित कटारिया, पूर्व जिलाध्यक्ष केएल यादव, सुनीता सहरावत, सुबे सिंह यादव, सुशील भारद्वाज, शाहीन शम्स, नीरज यादव, सीमा पाहुजा, सीमा हुड्डा, सुनीता वर्मा, मुकेश चौधरी, निर्मल यादव, महाराज सिंह, सतबीर पहलवान, राकेश यादव, मंदीप राठी, सुनील यादव, सुखबीर तंवर, विवेक कटारिया, अरिदमन सिंह बिल्लू, हरकेश प्रधान, भोले गुर्जर, विकास हुड्डा, सुशील सहरावत, नरेश वशिष्ठ, सतीश सांगवान, राहुल नंबरदार और दीपक दहिया उपस्थित रहे।
इसके अलावा राजीव यादव, पंकज मेहंदीरत्ता, मास्टर महेंद्र सेन, रविंद्र तिघरा, संजय नागपाल, धर्मेंद्र मिश्रा, अमन प्रजापति, मनोज आहूजा, लोकेश कौशिक, मुकेश डागर, अमित कोचर, सक्षम शर्मा, महावीर कन्हई, हरीश सिंह, कार्तिक गहलोत, मुकेश सोलंकी, जगदीश यादव, चमन सौदा, रमाकांत शर्मा, दीपेश कौशिक, भीम सोनी, अश्विनी यादव, कैप्टन सुरेंद्र, हरेंद्र सेहरावत, राहुल जेलदार, पवन माजरी, राजेंद्र कुमार, बीएस यादव और विराज झंगू समेत अनेक नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।








