निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, डायग्नोस्टिक सेंटरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग
आभा, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, हेल्थ प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री और एबीडीएम-अनुकूल सॉफ्टवेयर के महत्व पर दी गई जानकारी

गुरुग्राम, 8 अक्टूबर। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आज जिला प्रशिक्षण केंद्र, गुरुग्राम में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन राज्य एबीडीएम टीम द्वारा सिविल सर्जन गुरुग्राम डॉ. वीरेंद्र बसवाना के समन्वय एवं सक्रिय सहभागिता से किया गया।
कार्यशाला में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नर्सिंग होम एसोसिएशन, इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन, डेंटल एसोसिएशन, आयुष विभाग, नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन सहित विभिन्न निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, डायग्नोस्टिक सेंटरों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के निदेशकों, चिकित्सा अधीक्षकों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
राज्य एबीडीएम टीम की ओर से डॉ. दिशा ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रमुख स्तंभों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट), हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर), हेल्थ प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर) तथा स्वास्थ्य संस्थानों में एबीडीएम-अनुकूल सॉफ्टवेयर एवं एचएमआईएस अनुपालना की आवश्यकता के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि आभा आईडी नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड का दीर्घकालिक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के अधिक प्रभावी एवं बेहतर समन्वय के साथ उपलब्ध होने में सहायता मिलेगी।
कार्यशाला में हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री के बारे में बताया गया कि सरकारी और निजी क्षेत्र के अस्पतालों, क्लीनिकों, डेंटल क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं, रेडियोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों तथा आयुष स्वास्थ्य संस्थानों को इसमें पंजीकरण कराना महत्वपूर्ण है। इसी प्रकार हेल्थ प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री के तहत डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों, फार्मासिस्टों सहित स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पेशेवरों के पंजीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यशाला में बताया गया कि गुरुग्राम ने सरकारी क्षेत्र में एचएफआर का 100 प्रतिशत पंजीकरण तथा डॉक्टरों का एचपीआर में 100 प्रतिशत पंजीकरण हासिल किया है। निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में एचएफआर एवं एचपीआर कवरेज को और बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों में उपयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर की एबीडीएम अनुपालना पर भी विशेष चर्चा हुई। बताया गया कि एबीडीएम-अनुकूल सॉफ्टवेयर के माध्यम से मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का सुरक्षित डिजिटल आदान-प्रदान एवं संरक्षण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इस दौरान राज्य एबीडीएम टीम और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच सीधा संवाद भी हुआ। अस्पतालों, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटरों एवं विभिन्न चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन गुरुग्राम डॉ. वीरेंद्र बसवाना ने एबीडीएम के क्रियान्वयन में बेहतर प्रगति कर रहे स्वास्थ्य संस्थानों के योगदान की सराहना की। मेड हार्बर अस्पताल और राघव डायग्नोस्टिक्स को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण एवं एबीडीएम अनुपालना की दिशा में उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सराहा गया तथा दोनों संस्थानों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यशाला के सफल आयोजन में डॉ. दिशा, राज्य एबीडीएम टीम, डॉ. नीलिमा, डिप्टी सिविल सर्जन गुरुग्राम तथा डॉ. अनुज गर्ग, सिविल सर्जन कार्यालय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।








