गौंछी ड्रेन पर खड़े होकर गिनाईं एनआईटी की समस्याएं, अधूरे कामों के उद्घाटन के बजाय स्थायी समाधान की मांग
फरीदाबाद। एनआईटी-86 विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने सत्ता पक्ष के ‘दो साल बेमिसाल’ कार्यक्रम और विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं। गौंछी ड्रेन पर खड़े होकर जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के लोग पानी, सीवरेज, सड़क और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष उपलब्धियों का प्रचार कर रहा है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सांसद और केंद्रीय मंत्री से क्षेत्र की समस्याओं पर जवाब मांगा।
पुरानी योजनाओं का श्रेय लेने का आरोप
नीरज शर्मा ने दावा किया कि सत्ता पक्ष के नेता उनके कार्यकाल में शुरू की गई विकास योजनाओं का उद्घाटन कर उनका श्रेय ले रहे हैं। उन्होंने 60 फीट रोड पर पांच करोड़ रुपये की लागत वाले नाले, सेक्टर-56 के सामुदायिक केंद्र और राजीव कॉलोनी की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी फाइलें और प्रक्रियाएं कब शुरू हुई थीं, इसका विवरण जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजीव कॉलोनी में बारहवीं कक्षा तक का स्कूल बनाया जाना चाहिए था, जिससे क्षेत्र के गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा मिलती। उनके अनुसार, समुचित योजना से परिसर में पार्क, पैदल चलने का ट्रैक और छठ घाट की व्यवस्था भी की जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाएं तैयार करते समय स्थानीय जरूरतों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
फ्लाईओवर की जगह अंडरपास की मांग
बल्लभगढ़-सोहना रोड की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूर्व विधायक ने फ्लाईओवर के बजाय अंडरपास अथवा टनल बनाने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि फ्लाईओवर बनने से बल्लभगढ़ की ओर जाने वाले वाहन तो सीधे निकल जाएंगे, लेकिन आसपास की घनी आबादी वाली कॉलोनियों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
शर्मा ने कहा कि संजय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, सरूरपुर, पर्वतीय कॉलोनी, नंगला एन्क्लेव, जीवन नगर और गौंछी के निवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर परियोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने चेताया कि स्थानीय आवागमन की उचित व्यवस्था नहीं होने पर इन इलाकों में जाम की समस्या बढ़ सकती है।
बच्चों की मौत के बाद भी जाली ठीक नहीं कराने का आरोप
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए नीरज शर्मा ने कहा कि 28 अगस्त 2025 को नाले की जाली टूटी होने के कारण तीन बच्चों की जान चली गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने गंभीर हादसे के बावजूद संबंधित नाले की जाली अब तक ठीक नहीं कराई गई है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए तत्काल सुरक्षात्मक इंतजाम करने की मांग की।
पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि सीवरेज का गंदा पानी बिना शोधन के सीधे गौंछी ड्रेन में छोड़ा जा रहा है। इसे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का उल्लंघन बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे गंदगी बढ़ रही है और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो रहा है।
बुनियादी सुविधाओं पर मांगा जवाब
नीरज शर्मा ने सांसद और केंद्रीय मंत्री से सवाल किया कि सार्वजनिक मंचों से भेदभाव नहीं करने की बात कहने के बावजूद एनआईटी-86 की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं हो रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की जनता पिछले बारह वर्षों से उपेक्षा का सामना कर रही है और आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है।
उन्होंने मांग की कि आधे-अधूरे विकास कार्यों के उद्घाटन के बजाय पानी, सीवरेज, सड़क, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। शर्मा ने कहा कि विकास के दावों की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ क्षेत्र के लोगों को धरातल पर मिले।








