गुरुग्राम बार एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, 180 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साहस को सराहा
गुरुग्राम, 7 अक्टूबर (अशोक)। फ्लाई दुबई के पायलट कैप्टन स्मित माछर को अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग को लेकर गुरुग्राम बार एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि कैप्टन माछर ने विषम परिस्थितियों में अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान में सवार करीब 180 लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कुलभूषण भारद्वाज ने बताया कि ज्ञापन में 30 सितंबर को दुबई से इस्राइल जाने वाली उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित माछर द्वारा दिखाए गए साहस का उल्लेख किया गया है। एसोसिएशन के अनुसार, उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों की रक्षा की। भारद्वाज ने कहा कि उनके इस साहसिक कार्य से विश्व स्तर पर भारत का गौरव बढ़ा है और उन्हें राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए।
भारद्वाज ने कहा कि अशोक चक्र देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। असाधारण साहस और बलिदान के लिए सैन्यकर्मियों के साथ आम नागरिकों को भी इस सम्मान से अलंकृत किया जाता है। बार एसोसिएशन ने इसी आधार पर केंद्र सरकार से कैप्टन माछर के नाम पर विचार करने का आग्रह किया है।
ज्ञापन में कश्मीर प्रिंसेस विमान हादसे से जुड़े कैप्टन डी.के. जतार और पैन एम फ्लाइट-73 के अपहरण के दौरान यात्रियों की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाली विमान परिचारिका नीरजा भनोट के साहस एवं बलिदान का भी स्मरण किया गया।
बार एसोसिएशन ने मांग की कि यात्रियों के जीवन की रक्षा के लिए असाधारण बहादुरी दिखाने वाले कैप्टन स्मित माछर को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सदस्य उपस्थित रहे।








