सीईओ ने कहा, नए निर्माणों में पहले सड़क, फिर हैज- ग्रीन बेल्ट तथा उसके बाद फुटपाथ बनाए जाएं
श्री मीणा ने आज सेक्टर 46/51 व 51/57 मास्टर रोड के साथ फुटपाथों का किया निरीक्षण
फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बाधारहित हों- सीईओ

गुरुग्राम, 7 अक्टूबर। गुरुग्राम की सड़कों पर अब फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और ड्रेनेज को अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत योजना के तहत विकसित किया जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री पीसी मीणा ने बुधवार को सेक्टर 46/51 और सेक्टर 51/57 की मास्टर डिवाइडिंग रोड पर चल रहे फुटपाथ निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बाधारहित होने चाहिए तथा निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाए।
सीईओ ने कहा कि जहां संभव हो, फुटपाथ के दोनों ओर पेड़ लगाए जाएं ताकि राहगीरों को छाया मिल सके। फुटपाथ के साथ हेज भी विकसित की जाए, जिससे धूल को नियंत्रित करने के साथ सड़क का सौंदर्य भी बढ़ेगा ।
पेड़ों और यूटिलिटी के हिसाब से तय होगा फुटपाथ का अलाइनमेंट
श्री मीणा ने निर्देश दिए कि नए फुटपाथ बनाते समय पहले सड़क के साथ हैज और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए, जिसका लेवल सड़क से लगभग एक फुट नीचे हो ताकि बरसात का पानी सड़क पर बहने की बजाए ग्रीन बेल्ट में जाए । उस ग्रीन बेल्ट के साथ फुटपाथ बनाया जाए , जिसका लेवल ग्रीन बेल्ट से लगभग 6 इंच ऊँचा हो। फुटपाथ बनाते समय मौजूद पेड़ों और यूटिलिटी लाइन को ध्यान में रखा जाए। किसी भी पेड़ को नुकसान पहुंचाए बिना फुटपाथ का अलाइनमेंट तय किया जाए। साथ ही बिजली, पानी, सीवर आदि की मौजूदा यूटिलिटी को ध्यान में रखकर डिजाइन तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में मरम्मत या रखरखाव के दौरान फुटपाथ को तोड़ने की जरूरत न पड़े।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि फुटपाथ नालों के ऊपर नहीं बनाए जाएं। जहां ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, वहां फुटपाथ का अलग अलाइनमेंट रखा जाए, ताकि भविष्य में नाले की सफाई, मरम्मत या रखरखाव के दौरान पैदल मार्ग को नुकसान न पहुंचे।
180 किमी फुटपाथ का सर्वे, 108 किमी पर काम
जीएमडीए ने गुरुग्राम के करीब 180 किमी मौजूदा फुटपाथ का व्यापक आकलन कराया है। इनमें करीब 72 किमी फुटपाथ संतोषजनक स्थिति में पाए गए हैं, जबकि 80 किमी पर मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का काम शुरू किया गया है। शेष 28 किमी फुटपाथ पूरी तरह नए सिरे से बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य शहर में सुरक्षित और बेहतर पैदल यात्री नेटवर्क तैयार करना है। साथ ही सड़क और फुटपाथ सुंदर दिखाई दें और इनका रख रखाव करने में दिक्कत भी ना आए ।
ग्रीन बेल्ट सड़क से होंगे नीचे, भूजल रिचार्ज में मिलेगी मदद
निरीक्षण के दौरान श्री मीणा ने सेक्टर रोड के साथ विकसित की जा रही ग्रीन बेल्ट का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रीन बेल्ट को सड़क की सतह से नीचे रखा जाए। इससे बारिश का पानी सड़क से तेजी से ग्रीन बेल्ट में पहुंचेगा और जमीन में प्राकृतिक रूप से रिसकर भूजल रिचार्ज में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि सड़क किनारे विकसित होने वाली हरित पट्टियां केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित न रहें, बल्कि वे बारिश के पानी के प्रबंधन, जलभराव रोकने और भूजल संरक्षण में भी उपयोगी साबित हों।
जीएमडीए अब सड़क कॉरिडोर के विकास में फुटपाथ, पेड़, ग्रीन बेल्ट और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज को आपस में जोड़कर काम कर रहा है, ताकि गुरुग्राम को सुरक्षित पैदल मार्ग, बेहतर जल निकासी और अधिक हरित एवं टिकाऊ शहरी परिवेश मिल सके।








