जेल लोक अदालत में दो विचाराधीन बंदियों को मिली रिहाई
गुरुग्राम, 07 अक्टूबर- हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जेल लोक अदालत के दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामलों का निपटारा करते हुए उन्हें रिहा किया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम निशा ने जेल का दौरा कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें आवश्यक राहत प्रदान करना है। उन्होंने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक सहायता तथा अधिवक्ता की सुविधा के बारे में भी जानकारी दी।
उन्होंने जिला कारागार में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल एड क्लिनिक का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि बंदी साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से मुफ्त अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने बंदियों की परिवार से मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान तथा अन्य कानूनी सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर घर बैठे मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक संदीप शर्मा, उप अधीक्षक अनिल, जेल स्टाफ, पैनल अधिवक्ता, विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी तथा अधिवक्ता मौजूद रहे।








