कहा- विभिन्न देशों की संसदीय परंपराएं भिन्न हो सकती हैं, लेकिन लोकतंत्र का मूल भाव जनसेवा ही है

चंडीगढ़, 25 सितंबर – 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने दक्षिण अफ्रीका गया हरियाणा विधान सभा का शिष्टमंडल इन दिनों अध्ययन दौरे पर है। इस क्रम में शिष्टमंडल शुक्रवार को केन्या की राजधानी नैरोबी पहुंचा और वहां की संसद का अवलोकन किया। यहां उन्होंने केन्या संसद के स्पीकर ऑफिस में निदेशक डिशॉन न्यागह से मुलाकात की। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के नेतृत्व में गए शिष्टमंडल में विधान सभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा तथा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा शामिल हैं।

विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि केन्या की संसद के भ्रमण के दौरान वहां की संसदीय व्यवस्था, कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक परंपराओं को निकट से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि केन्या संसद में निदेशक डिशॉन न्यागह ने वहां की संसदीय व्यवस्था के बारे में गहन जानकारी उपलब्ध करवाई। इस चर्चा से यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि विभिन्न देशों की संसदीय व्यवस्थाओं में भिन्नताएं हो सकती हैं, लेकिन लोकतंत्र की मूल भावना एक ही है और वह है जनता के हितों की रक्षा तथा जनसेवा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं अपनी-अपनी परंपराओं और व्यवस्थाओं के अनुरूप कार्य करते हुए जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करती हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन जैसे आयोजन विभिन्न देशों के जनप्रतिनिधियों को एक-दूसरे की संसदीय व्यवस्थाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं को समझने तथा अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे अध्ययन दौरों से संसदीय कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए नए विचारों और अनुभवों को जानने का अवसर मिलता है।









