द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास सीवर नेटवर्क की बाधाएं दूर करने के लिए वैकल्पिक रूट तलाशेगा जीएमडीए

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*प्रधान सलाहकार श्री ढेसी ने मौके पर पहुंचकर देखे अधूरे सीवर लिंक, हाईकोर्ट में जनहित का पक्ष मजबूती से रखने के निर्देश*

*गुरुग्राम, 14 सितंबर*। द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे सेक्टरों में सीवर नेटवर्क के अधूरे हिस्सों को पूरा करने के लिए अब वैकल्पिक रूट तलाशे जाएंगे। हरियाणा के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार श्री डी.एस. ढेसी ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर सीवर नेटवर्क के मिसिंग लिंक का निरीक्षण किया और जीएमडीए की इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिए कि जहां मुकदमेबाजी के कारण काम अटका हुआ है, वहां तकनीकी रूप से संभव वैकल्पिक अलाइनमेंट तलाशकर काम पूरा कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान श्री ढेसी ने सेक्टर 87/91 और 84/88 के बीच करीब 170 मीटर, सेक्टर 81/86 और 83/84 के बीच करीब 100 मीटर तथा सेक्टर 85/86 में करीब 30 मीटर के अधूरे सीवर लिंक की स्थिति देखी। इन हिस्सों में मूल अलाइनमेंट पर चल रहे विवाद और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित मामलों के कारण काम प्रभावित हुआ है।

*लिटिगेशन लंबा खिंचा तो दूसरा रास्ता अपनाएं*

श्री ढेसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि मुकदमेबाजी के कारण मूल रूट पर काम में और देरी होती है तो जनहित को देखते हुए वैकल्पिक रास्ते पर काम करने की संभावना तलाशें। उन्होंने सेक्टर 82/85 डिवाइडिंग रोड के सेंट्रल वर्ज से सीवर लाइन बिछाने की संभावना की भी जांच करने को कहा, बशर्ते यह तकनीकी रूप से व्यावहारिक हो।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित वैकल्पिक अलाइनमेंट की तकनीकी जांच कर जल्द व्यावहारिक समाधान तैयार किया जाए। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को हाईकोर्ट के समक्ष मामले को उचित परिप्रेक्ष्य में रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक नागरिक सुविधाओं को व्यापक जनहित में जल्द पूरा किया जा सके।

*सड़क के साथ सीवरेज के अलावा दूसरे यूटिलिटी नेटवर्क भी करें सुनिश्चित*

श्री ढेसी ने कहा कि प्रमुख सेक्टर सड़कों का निर्माण केवल सड़क तक सीमित नहीं होना चाहिए। सड़क विकास के साथ ही सीवर, पानी की पाइपलाइन और बरसाती पानी की निकासी का नेटवर्क भी समन्वित तरीके से तैयार किया जाए।

उन्होंने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि नई सड़क बनने के बाद बार-बार खुदाई की नौबत न आए, इसलिए यह सुनिश्चित करें कि सीवरेज लाईन के अलावा पेय जल आपूर्ति और स्टॉर्म वाटर जैसी सभी आवश्यक भूमिगत यूटिलिटी की लाइन भी इन सेक्टरों में सही ढंग से बिछाई गई हैं ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो ।

*समयबद्ध तरीके से दूर हों मिसिंग लिंक*

श्री ढेसी ने सीवर व्यवस्था को बुनियादी और जरूरी नागरिक सुविधा बताते हुए शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने जीएमडीए , एचएसवीपी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए, ताकि तेजी से विकसित हो रहे सेक्टरों में नागरिक सुविधाओं का नेटवर्क बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, जीएमडीए के मुख्य अभियंता हेमंत कुमार, एचएसवीपी के एस्टेट ऑफिसर राकेश सैनी, जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विभोर दूहन सहित जीएमडीए , एचएसवीपी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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