खुले में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने के लिए एमसीजी का अभियान तेज, दो क्लस्टरों में एजेंसी को सौंपा कार्य

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जोन-1 से 8 तक पशुओं की कैप्चरिंग व ट्रांसपोर्टेशन का कार्य शुरू, डेयरी संचालकों को पशुओं को परिसर में बांधकर रखने की हिदायत

गुरुग्राम, 7 सितंबर। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर को खुले में घूमने वाले पशुओं से मुक्त बनाने और सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अभियान को तेज किया गया है। इसी कड़ी में नगर निगम ने विभिन्न जोन को क्लस्टर में बांटकर पशुओं को पकड़ने एवं सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए एसआर एंटरप्राइजेज एजेंसी को कार्य सौंपा गया हैं। एजेंसी को दो वर्ष तक की आयु वाले बछड़ों तथा दो वर्ष से अधिक आयु वाले गाय एवं बैलों को पकड़ने और निर्धारित स्थान तक ले जाने का कार्य सौंपा गया है।नगर निगम ने एजेंसी को निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुसार कार्य करने, आवश्यक वाहनों की तैनाती करने और कार्य का लॉग बुक में रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए हैं।

डेयरी संचालकों को पशु खुले में न छोड़ने की चेतावनी

नगर निगम ने डेयरी संचालकों एवं पशुपालकों को हिदायत दी है कि वे अपने पशुओं को अपने परिसर में ही सुरक्षित रूप से बांधकर रखें और उन्हें सड़कों, गलियों या सार्वजनिक स्थानों पर खुला न छोड़ें। सड़कों पर खुले घूमने वाले पशुओं के कारण वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। विशेष रूप से रात के समय और व्यस्त सड़कों पर अचानक सामने आने वाले पशुओं से गंभीर हादसे हो सकते हैं। नगर निगम द्वारा खुले में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान यदि कोई पशु डेयरी या पशुपालक का है, तो उस पशु को पकड़कर गौशाला में भेज दिया जाएगा।

पशु पकड़ने वाली टीमों के कार्य में बाधा न डालें, हादसे का खतरा

नगर निगम की पशु पकड़ने वाली टीमों द्वारा कार्रवाई के दौरान एक अन्य गंभीर समस्या भी सामने आती है। कई बार बाइकर ग्रुप/युवक कार्रवाई के दौरान टीमों के आसपास पहुंचकर उन्हें परेशान करते हैं या पशुओं को भगाने का प्रयास करते हैं। इससे कैप्चरिंग अभियान प्रभावित होने के साथ-साथ सड़क पर अचानक दौड़ते पशुओं के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। नगर निगम ने ऐसे लोगों को भी चेतावनी दी है कि पशु पकड़ने वाली टीम के सरकारी कार्य में हस्तक्षेप न करें और पशुओं को न भगाएं। पशु को भगाने के दौरान वह अचानक सड़क पर आ सकता है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की टक्कर की आशंका रहती है तथा पशु और आम नागरिक दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

अभियान में सहयोग करने की अपील

नगर निगम ने नागरिकों, डेयरी संचालकों और पशुपालकों से अपील की है कि खुले में घूमने वाले पशुओं की समस्या के समाधान के लिए निगम की टीमों का सहयोग करें। पशुओं को खुले में छोड़ने के बजाय उन्हें अपने परिसर में सुरक्षित रखने से सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं को कम किया जा सकता है। नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पशुओं की कैप्चरिंग एवं ट्रांसपोर्टेशन का अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा और इसके माध्यम से शहर की सड़कों पर खुले घूमने वाले पशुओं की संख्या को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!