‘मेघवाल’ नाम किए जाने के कथित प्रयास के विरोध में राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
फरुखनगर के अंबेडकर पार्क में सभा कर जताया रोष
फरुखनगर, 7 सितंबर। वरिष्ठ दलित नेता एवं कांग्रेस प्रवक्ता सुखबीर जे. तंवर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा चमार समाज की पहचान को ‘मेघवाल’ नाम से परिवर्तित करने संबंधी कथित वक्तव्य अथवा संस्तुति का विरोध किया है। इस मुद्दे को लेकर समाज के लोगों ने अंबेडकर पार्क, फरुखनगर में सभा की और तहसीलदार के माध्यम से हरियाणा के राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा गया कि किसी भी समाज की पहचान उसकी अस्मिता, स्वाभिमान और सामाजिक अस्तित्व से जुड़ी होती है। चमार समाज की अपनी ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान है, जिसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
तंवर ने कहा कि चमार समाज किसी अन्य समाज के विरुद्ध नहीं है, लेकिन वह अपनी पहचान से कोई समझौता भी नहीं करेगा। सरकार का दायित्व प्रदेश के प्रत्येक समाज की भावनाओं, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने दावा किया कि किसी समाज का नाम बदलने का निर्णय प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कथित वक्तव्य अथवा संस्तुति से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और पूरे प्रदेश में रोष है। ज्ञापन में राज्यपाल से मामले का संज्ञान लेकर सामाजिक सौहार्द की रक्षा करने तथा चमार समाज का नाम ‘मेघवाल’ किए जाने संबंधी किसी भी प्रस्ताव या संस्तुति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
‘शुद्धिकरण की घटना जातिगत भेदभाव का उदाहरण’
कांग्रेस के फरुखनगर ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद सभा स्थल का कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना जातिगत भेदभाव और घृणा का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को इस मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसके विपरीत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जाना अत्यंत निंदनीय है।
सभा एवं ज्ञापन सौंपने के अवसर पर पूर्व पार्षद जसवंत सिंह, नरेश सरपंच, राजेंद्र ताजनगर, पूर्व पुलिस उपनिरीक्षक राज सिंह, विमल मोहन आजाद, भगवती चरण नंबरदार, पूर्व प्रबंधक आजाद सिंह थिरयान, सूबे सिंह, विशंभर दयाल, देशराज मंधोलिया, कंवर लाल, महाबीर सिंह, हीरा लाल, लाल सिंह, मदन पाल, सुभाष, हुकमचंद, नत्थू राम, प्रकाश चंद, धनपत सिंह, रमेश, पवन कुमार, संजय, मनीष, जगदीश, केवल राम और राजेंद्र कुमार सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








