गुरुग्राम में स्थापित हो हाईकोर्ट की बेंच : चौधरी संतोख सिंह

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कहा—दक्षिण हरियाणा के लोगों को मिलेगा सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय

गुरुग्राम, 7 सितंबर। जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के पूर्व प्रधान, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रधान पद के उम्मीदवार चौधरी संतोख सिंह ने गुरुग्राम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करना अब समय की आवश्यकता बन चुका है।

चुनाव प्रचार के दौरान अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि गुरुग्राम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का प्रमुख न्यायिक, औद्योगिक और आर्थिक केंद्र है। हरियाणा सरकार के राजस्व में गुरुग्राम जिले की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुरुग्राम का महत्व और जिम्मेदारी दोनों स्पष्ट हैं। इसके बावजूद गुरुग्राम और आसपास के जिलों के नागरिकों एवं अधिवक्ताओं को मामलों की सुनवाई के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक और सोनीपत सहित कई जिलों से चंडीगढ़ पहुंचने में लोगों का समय और धन दोनों खर्च होते हैं। गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच बनने से इन जिलों के नागरिकों और अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

लंबित मामलों का दबाव भी होगा कम

चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से आमजन को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने में सहायता मिलेगी। इससे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित मामलों का दबाव कम करने तथा न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की बढ़ती आबादी, आर्थिक गतिविधियों और न्यायिक मामलों की संख्या को देखते हुए यहां हाईकोर्ट की बेंच की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं से इस मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।

चौधरी संतोख सिंह ने कहा, “गुरुग्राम प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। अब यहां के नागरिकों और अधिवक्ताओं को न्यायिक क्षेत्र में भी उसी स्तर की सुविधा मिलनी चाहिए। न्याय वास्तव में तभी सुलभ होगा, जब आम नागरिक को न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय न करनी पड़े।”

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Author: Bharat Sarathi

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