राहुल गांधी पर एफआईआर और छात्रवृत्ति में देरी ने उजागर किया भाजपा का दलित-वंचित विरोधी चेहरा : राव नरेंद्र सिंह

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ओबीसी के 52,023 छात्रों के आवेदन स्वीकृत, फिर भी 2024-25 में किसी को भुगतान नहीं

संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी कांग्रेस

चंडीगढ़, 31 अगस्त। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को भाजपा सरकार की बौखलाहट करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी की आवाज दबाकर देश के दलितों, पिछड़ों, वंचितों और कमजोर वर्गों की आवाज को कुचलना चाहती है, लेकिन कांग्रेस संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सार्वजनिक रूप से बताया है कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ से उनकी भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची। इसके बावजूद भाजपा के मुख्यमंत्री से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेता तक इस घटना को उचित ठहराने में लगे हैं।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल किसी एक व्यक्ति के अपमान का नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय के अधिकारों का है। एक तरफ भाजपा नेता कथित ‘शुद्धिकरण’ जैसी घटना को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दलितों, पिछड़ों और वंचितों से भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने पर राहुल गांधी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मुकदमों और सरकारी दबाव से राहुल गांधी की आवाज नहीं दबाई जा सकती। राहुल गांधी देश के करोड़ों वंचित नागरिकों के अधिकारों की आवाज उठाते रहेंगे और कांग्रेस संविधान की रक्षा तथा सामाजिक बराबरी के संघर्ष को और मजबूती से आगे बढ़ाएगी।

छात्रवृत्ति के आंकड़ों ने खोली सरकार की पोल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा विधानसभा में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति को लेकर सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों ने दलित और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के प्रति उसकी संवेदनहीनता उजागर कर दी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच अनुसूचित जाति वर्ग के 4,81,657 विद्यार्थियों ने पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया। इनमें 4,28,576 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि भुगतान केवल 4,19,013 विद्यार्थियों को हुआ। आवेदन, स्वीकृति और वास्तविक भुगतान के आंकड़ों में बड़ा अंतर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

इसी अवधि में ओबीसी वर्ग के 3,99,011 विद्यार्थियों ने आवेदन किया, जिनमें से 3,18,879 आवेदन स्वीकृत हुए। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिली।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे गंभीर स्थिति वर्ष 2024-25 की रही। इस वर्ष 52,023 ओबीसी विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकृत किए जाने के बावजूद एक भी विद्यार्थी को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हुआ। वर्ष 2023-24 में भी 50,910 स्वीकृत आवेदनों के मुकाबले केवल 17,937 विद्यार्थियों को भुगतान किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार आधार निष्क्रिय होने, सत्यापन में देरी, अधूरे दस्तावेजों और बजट की उपलब्धता जैसी वजहें बता रही है। इन समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी सरकारी दफ्तरों तथा पोर्टल की तकनीकी खामियों का खामियाजा क्यों भुगतें?

स्वीकृत बजट भी पूरा खर्च नहीं हुआ

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि ओबीसी पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में कई वर्षों तक स्वीकृत बजट और वास्तविक वितरण के बीच भारी अंतर रहा। वर्ष 2022-23 में 3,898.83 लाख रुपये के बजट में से केवल 708.87 लाख रुपये वितरित किए गए। वर्ष 2023-24 में 5,904.77 लाख रुपये के मुकाबले 3,632.16 लाख रुपये तथा वर्ष 2024-25 में 776.04 लाख रुपये के मुकाबले मात्र 344.31 लाख रुपये बांटे गए।

अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के मामले में भी पूरा बजट खर्च नहीं किया गया। वर्ष 2023-24 में 20,663.41 लाख रुपये के बजट के मुकाबले 15,146.57 लाख रुपये तथा वर्ष 2024-25 में 13,605.47 लाख रुपये के मुकाबले केवल 8,447.88 लाख रुपये वितरित हुए।

छात्रवृत्ति कृपा नहीं, विद्यार्थियों का अधिकार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा देती है, लेकिन सरकारी आंकड़े जमीनी हकीकत कुछ और ही बता रहे हैं। छात्रवृत्ति पर निर्भर विद्यार्थी का आवेदन स्वीकृत करने के बाद भी राशि नहीं देना उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति कोई सरकारी कृपा नहीं, बल्कि शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने का संवैधानिक दायित्व है। सरकार आवेदन से भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाते हुए सभी लंबित छात्रवृत्तियां तत्काल जारी करे।

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Author: Bharat Sarathi

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