गिरफ्तारियों से कर्मचारी आंदोलन दबाने का प्रयास कर रही सरकार : नरेश शास्त्री

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30 अगस्त को रोहतक में राज्य कार्यकारिणी की कन्वेंशन, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होगा फैसला

13 मई के समझौते की 17 मांगें लागू करने और 3,480 छंटनीग्रस्त कर्मचारियों की बहाली की मांग

गुरुग्राम, 29 अगस्त (अशोक)। प्रदेश में सफाई, सीवर और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल लगातार 24वें दिन भी जारी रही। आंदोलन को तेज करने के लिए नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने 30 अगस्त को कर्मचारी भवन, रोहतक में राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण कन्वेंशन बुलाई है। इसमें हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने पर फैसला लिया जा सकता है।

पुराने नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए संघ के राज्य अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पुलिस दमन और कर्मचारियों की गिरफ्तारियों के जरिए आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला और समझौते के अनुसार आदेश जारी नहीं किए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

लिखित आदेश जारी होने तक जारी रहेगी हड़ताल

शास्त्री ने कहा कि 13 मई को हुए समझौते के अनुसार पे-रोल पर कार्यरत 1,175 फायरमैन तथा पालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों के करीब 13 हजार कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाना है। इसके साथ ही ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की मांग भी समझौते में शामिल थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मांगों के संबंध में लिखित आदेश जारी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। यदि 30 अगस्त तक सरकार ने स्वीकार की गई 17 मांगों को लागू करने के परिपत्र जारी नहीं किए तो राज्य कार्यकारिणी हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदलने का निर्णय ले सकती है।

सफाई कर्मचारियों से भेदभाव का आरोप

शास्त्री ने आरोप लगाया कि सरकार ने अन्य विभागों के कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम में समायोजित किया है, लेकिन वाल्मीकि समाज से जुड़े गरीब सफाई और सीवर कर्मचारियों को ठेकेदारों के अधीन रखकर उनका शोषण किया जा रहा है।

कर्मचारियों ने गुरुग्राम के 3,480 छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने, 15,200 रुपये न्यूनतम वेतन और 5,000 रुपये जोखिम भत्ता देने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त नियमित भर्ती करने तथा फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई।

कचरे के ढेर से बीमारियां फैलने का खतरा

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हड़ताल के कारण शहरों में जगह-जगह कचरे के ढेर लग चुके हैं। बारिश और गर्मी के मौसम में इससे बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समस्या का समाधान करने के बजाय प्रचार के माध्यम से जनता और कर्मचारियों को गुमराह कर रही है।

सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ उपप्रधान सम्मी बोहत और फायर जिला प्रधान साहुन खान ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन भारत कांगड़ा ने किया। इस अवसर पर सीटू एवं अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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