सफाईकर्मियों की हड़ताल के 20 दिन, शहर में कूड़े के अंबार

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26 अगस्त तक मांगें लागू नहीं हुईं तो प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

सरकार गलत बयानबाजी कर जनता और कर्मचारियों को गुमराह कर रही : बसंत कुमार

गुरुग्राम, 25 अगस्त (अशोक)। जलभराव और गंदगी से जूझ रहे गुरुग्राम में सफाई एवं अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 20वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से सफाई व्यवस्था ठप रहने के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। बरसात के बीच सड़ते कचरे से दुर्गंध और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

पुराने नगर निगम कार्यालय परिसर में जारी धरने के दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन करने के बजाय प्रतिनिधिमंडल के रूप में कैबिनेट मंत्री एवं बादशाहपुर विधायक राव नरबीर सिंह के सिविल लाइंस स्थित आवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मंत्री की अनुपस्थिति में उनके निजी सहायक विशाल सैनी ने ज्ञापन लिया।

हड़ताल की अध्यक्षता वरिष्ठ उपप्रधान सम्मी बोहत और फायर यूनियन के जिला प्रधान साहुन खान ने संयुक्त रूप से की। संचालन धर्मेंद्र जिंगाला एवं भारत कांगड़ा ने किया।

सरकार पर समझौता लागू नहीं करने का आरोप

हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य उपप्रधान बसंत कुमार, जोगिंदर और पूर्व जिला प्रधान राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार मीडिया के माध्यम से गलत बयानबाजी कर जनता एवं कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। शहर में कूड़े के ढेर लगे हैं और बरसात के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन सरकार को जनता के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है।

उन्होंने कहा कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, जोखिम भत्ता देने और छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को वापस लेने सहित 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद सरकार आदेश जारी करने के बजाय लगातार टालमटोल कर रही है।

‘ठेकेदारों का गुलाम बनाया’

कर्मचारी नेताओं ज्ञानचंद, अनीता देवी, धर्मपाल, पिंकी, कमला, मुकेश, कुलदीप, सतपाल और हरिओम ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने सफाई कर्मचारियों की एक भी नियमित भर्ती नहीं की। इसके चलते वाल्मीकि समाज से जुड़े गरीब सफाईकर्मियों को ठेकेदारों के अधीन काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 26 अगस्त तक मानी गई मांगों को लागू करने के आदेश जारी नहीं किए गए तो नगरपालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन यूनियन आंदोलन को प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल देंगे।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को हड़ताली कर्मचारी जनता के बीच जाकर समर्थन मांगेंगे और सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में भी हिस्सा लेंगे।

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Author: Bharat Sarathi

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