बारिश ने खोली आईडीसी की बदहाली की पोल, जलभराव से भीषण जाम

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सड़कें खोदकर छोड़ीं, फैक्ट्रियों में घुसा पानी; मशीनरी बंद करने की नौबत

सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण पलायन को मजबूर हैं उद्यमी : धर्मसागर

“आईडीसी के उद्योग सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व देते हैं, लेकिन उद्यमियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं।” — धर्मसागर, प्रधान, आईडीसी

गुरुग्राम। साइबर सिटी के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र आईडीसी में सोमवार को हुई बारिश के बाद हालात बदतर हो गए। सड़कों पर जलभराव और गहरे गड्ढों के कारण सोमवार तथा मंगलवार को दिनभर भीषण जाम लगा रहा। इससे उद्यमियों, कर्मचारियों, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

उद्यमियों का आरोप है कि जाम के दौरान यातायात पुलिस अथवा प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। आखिरकार कई वाहन चालकों को स्वयं सड़क पर उतरकर घंटों मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद यातायात किसी तरह सामान्य हो पाया।

करोड़ों का राजस्व, सुविधाएं नदारद

आईडीसी के प्रधान धर्मसागर तथा उद्यमियों सुनील दत्ता, विजय टंडन, देवेंद्र जैन, प्रवीण वर्मा और तरुण खन्ना ने क्षेत्र की बदहाल स्थिति पर गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा कि आईडीसी की औद्योगिक इकाइयां सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व देती हैं, लेकिन बदले में उन्हें सड़क, जल निकासी और सुचारू यातायात जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।

धर्मसागर ने कहा कि सरकार और स्थानीय प्रशासन की बेरुखी के कारण कुछ उद्यमी पहले ही अपनी औद्योगिक इकाइयां यहां से स्थानांतरित कर चुके हैं। यदि स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो अन्य उद्यमी भी पलायन करने के लिए मजबूर होंगे।

खुदी सड़कें बनीं दुर्घटनाओं का कारण

क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर खोदी गई सड़कें उद्यमियों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गई हैं। बारिश का पानी भरने से सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते। इसके कारण दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि चार पहिया और मालवाहक वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं।

जलभराव और जाम के कारण औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने तथा तैयार माल बाहर भेजने वाले वाहनों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

फैक्ट्रियों में घुसा नालों का पानी

उद्यमियों के अनुसार बारिश और नालों का गंदा पानी औद्योगिक इकाइयों के भीतर तक पहुंच रहा है। शॉर्ट सर्किट तथा मशीनों में खराबी की आशंका के कारण कई उद्यमियों को करोड़ों रुपये की मशीनरी बंद करनी पड़ी। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

आईडीसी के उद्यमियों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने, जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत करने तथा अधूरे विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।

“आईडीसी के उद्योग सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व देते हैं, लेकिन उद्यमियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं।” — धर्मसागर, प्रधान, आईडीसी

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Author: Bharat Sarathi

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