मुख्यमंत्री के विरोध में दर्ज मामलों में वर्धन यादव और पंकज डावर ने कराई आठ कार्यकर्ताओं की जमानत,
बोले – साथियों के साथ मजबूती से खड़े हैं, जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री के विरोध में प्रदर्शन करना कांग्रेस कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ा तो पार्टी के दोनों जिला अध्यक्ष उनके साथ खड़े नजर आए। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) वर्धन यादव और शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर मंगलवार को सिविल लाइंस थाने पहुंचे और मुख्यमंत्री के विरोध के दौरान दर्ज मामलों में अपने आठ साथी कार्यकर्ताओं की जमानत कराई।
दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं की हौसला अफजाई करते हुए साफ कहा कि वे अपने साथियों के साथ पहले भी खड़े थे, आज भी खड़े हैं और आगे भी मजबूती से खड़े रहेंगे। जमानत कराने के बाद दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाई और कहा कि जनता के मुद्दों पर आवाज उठाना अपराध नहीं है। सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है और कांग्रेस इससे पीछे नहीं हटेगी।
सिविल लाइंस थाने से जिन कार्यकर्ताओं की जमानत कराई गई, उनमें अशोक उल्लावास, सुनील यादव, सविंद्र लोहिया (भोले), विकास हुड्डा, राकेश यादव, मुकेश डागर, मनदीप राठी और नितिन यादव शामिल हैं। दोनों जिला अध्यक्षों ने कहा कि कार्यकर्ताओं के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई में संगठन उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा।
12 साल में सड़क और सीवर तक ठीक नहीं कर पाए
वर्धन यादव ने कहा कि अगर सरकार खुद को जनता की हितैषी मानती है तो उसे एक बार अधिकारियों के साथ नहीं, बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर पूछना चाहिए कि उसकी सबसे बड़ी परेशानी क्या है। जनता की समस्याएं सामने लाना ही विपक्ष का काम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा और नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा ने गुरुग्राम के विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग है। शहर के लोग गंदगी, जलभराव, टूटी सड़कों और सीवर की समस्याओं से जूझ रहे हैं। वर्धन यादव ने कहा कि 12 साल की भाजपा सरकार के बावजूद गुरुग्राम में न सड़कें ठीक हो पाईं और न सीवरेज व्यवस्था। शहर की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं और लोगों के लिए उनसे बचकर निकलना रोज की मजबूरी बन गया है। उन्होंने कहा कि जनता की इन समस्याओं पर आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज कर देने से समस्याएं खत्म नहीं होंगी। कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और जनता के सवाल आगे भी उसी मजबूती से उठाए जाएंगे।
कार्यकर्ताओं को डराने से आवाज दबने वाली नहीं
पंकज डावर ने कहा कि सरकार की नीतियों और जनता की समस्याओं को उठाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। लोकतंत्र में यह तरीका स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री को विरोध करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की समस्याएं किसी से छिपी नहीं हैं। शहर में जलभराव, टूटी सड़कों और सफाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर लोग लगातार आवाज उठा रहे हैं। यहां रहने वाली कई चर्चित हस्तियां भी सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए शहर की समस्याएं उठा चुकी हैं, लेकिन सरकार समाधान की दिशा में गंभीर कदम नहीं उठा रही। डावर ने कहा कि मुख्यमंत्री को अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय खुद गुरुग्राम में उतरकर जमीनी हालात देखने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार हर बार जलभराव रोकने के दावे करती है, लेकिन बारिश होते ही शहर की सड़कों और कॉलोनियों में पानी भर जाता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या जस की तस है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल के रूप में जनता की समस्याएं विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी। इस मौके पर मेयर प्रत्याशी नीरज यादव, एडवोकेट सूबे सिंह यादव, प्रवक्ता सुखबीर तंवर, ब्लॉक अध्यक्ष अमित कोचर, एडवोकेट मनदीप सेहरा, अमन प्रजापति, पंकज मेहंदीरत्ता आदि मौजूद रहे।








