मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में बारिश के दौरान सड़कों पर उतरे अधिकारी

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निगमायुक्त प्रदीप दहिया व अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने जीएमडीए, एनएचएआई और एमसीजी अधिकारियों के साथ जलभराव संभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, त्वरित जलनिकासी के निर्देश

गुरुग्राम, 24 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के अनुपालन में बारिश के दौरान नागरिकों को जलभराव से राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नगर निगम गुरुग्राम के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। इसी क्रम में निगमायुक्त प्रदीप दहिया एवं अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने जीएमडीए, एनएचएआई और एमसीजी के अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न जलभराव संभावित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण किया। उनके साथ एमसीजी चीफ इंजीनियर विजय ढाका, संयुक्त आयुक्त डॉ आशीष सिंगला सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख स्थानों का लिया जायजा

अधिकारियों की टीम ने झाड़सा चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास, ताऊ देवीलाल स्टेडियम, सोहना रोड और एरिया मॉल सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान बारिश के पानी की निकासी की स्थिति, ड्रेनेज व्यवस्था तथा जलभराव संभावित स्थानों पर किए गए इंतजामों का जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने मौके पर संबंधित विभागों के अधिकारियों से जलनिकासी व्यवस्था की जानकारी ली तथा जहां आवश्यक हो, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

जीएमडीए, एनएचएआई और एमसीजी के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख सड़कों, अंडरपास और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जलनिकासी व्यवस्था को लेकर जीएमडीए, एनएचएआई एवं एमसीजी के अधिकारियों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों से संबंधित क्षेत्रों में भी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बारिश के पानी की निकासी में किसी प्रकार की देरी न हो।

त्वरित जलनिकासी सुनिश्चित करने के निर्देश

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर बारिश के कारण पानी जमा हो रहा है, वहां तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जलभराव संभावित स्थानों पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार पंप एवं अन्य संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान केवल कार्यालय स्तर पर समीक्षा के बजाय ग्राउंड पर मौजूद रहकर वास्तविक स्थिति की निगरानी की जाए, ताकि नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।

नागरिक सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

जीएमडीए व नगर निगम द्वारा मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में पहले से किए गए नालों की सफाई, ड्रेनेज सुधार, पंपिंग व्यवस्था और अन्य तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान नागरिकों की सुविधा, सुगम यातायात और त्वरित जलनिकासी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव की किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें और स्थिति सामान्य होने तक मौके पर निगरानी बनाए रखें।

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Author: Bharat Sarathi

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