ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन और भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव की सरकारी घोषणा लागू करने की मांग
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक। सैनी समाज भवन, कुरुक्षेत्र में रविवार को ब्राह्मण समाज का सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसके साथ श्रावणी उपाकर्म और रक्षाबंधन पर्व भी मनाया गया। अशोक शर्मा की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में प्रदेशभर से ब्राह्मण समाज के विभिन्न घटकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि ब्राह्मण महासभा के संरक्षक डॉ. एपी सांवरिया रहे, जबकि मंच संचालन राजकुमार वत्स ने किया।
सरकार अपनी घोषणा पूरी करे
ब्राह्मण महासभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष पंडित जिले सिंह पिचौलिया ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्राह्मण कल्याण आयोग के गठन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 14 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री आवास पर आयोग गठित करने और भगवान परशुराम के प्राकट्योत्सव को सरकारी स्तर पर मनाने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इन घोषणाओं को लागू नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि घोषणाओं पर कार्रवाई नहीं होने से समाज में रोष है। अपनी भावी दिशा तय करने और विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए नवंबर 2026 में विशाल ब्राह्मण महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से समाज के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा।
‘सभी घटक साझा मंच पर आएं’
महासभा के प्रदेश महासचिव सतीश गौतम, युवा प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप भारद्वाज और प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश गौड़ ने संयुक्त रूप से कहा कि ब्राह्मण समाज के सभी 18 घटकों को एक साझा मंच पर संगठित होना चाहिए। उन्होंने आरक्षण के संबंध में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के जरूरतमंद लोगों को समान रूप से लाभ देने के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग की।
वक्ताओं ने हिंदू मंदिरों का सरकारी अधिग्रहण समाप्त करने तथा मंदिरों से प्राप्त धनराशि को धार्मिक संस्थाओं, गोशालाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने की मांग भी उठाई।
हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की मांग
सम्मेलन में हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन की मांग करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विवाह में गांव, गुहांड तथा माता-पिता के गोत्र को छोड़ने और अभिभावकों की सहमति संबंधी सामाजिक मान्यताओं पर विचार किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने लिव-इन संबंधों और समलैंगिक संबंधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों का भी विरोध किया।
इस अवसर पर कुलदीप गोल्डी, राजेंद्र कौशिक, सुभाष गौड़, रामकुमार फरल, शशिपाल, सुंदर लाल, रमेश भट्ट, शीतल शर्मा, कृष्ण गोपाल, सोहन लाल जांगड़ा, बृज राजकुमार धीमान और रामनिवास सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।








