राजीव चौक पर फ्लाईओवर से दिल्ली-सोहना आवागमन होगा सुगम

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*दिसंबर तक लगेंगे छह नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन*

*प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने जिला समन्वय समिति की 12वीं बैठक में गुरुग्राम के विकास कार्यों की समीक्षा की*

*गुरुग्राम, 19 अगस्त*। गुरुग्राम के राजीव चौक पर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए अलाइनमेंट को मंजूरी मिल चुकी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( एन एच ए आई) द्वारा दिल्ली की ओर से सोहना और सोहना की ओर से दिल्ली जाने वाले यातायात के लिए सर्विस रोड से एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

यह जानकारी हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार श्री डीएस ढेसी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित जिला समन्वय समिति की 12वीं बैठक में दी गई । बैठक में श्री ढेसी ने गुरुग्राम में चल रहे आधारभूत ढांचे, यातायात, पर्यावरण, पैदल यात्रियों की सुविधाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में राजीव चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर, वायु गुणवत्ता की निगरानी, सीवेज के शोधित पानी के पुन: उपयोग, फुटपाथों के विकास, द्वारका एक्सप्रेसवे-पटौदी कनेक्टिविटी और सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

*राजीव चौक पर फ्लाईओवर के लिए अलाइनमेंट मंजूर*

बैठक में एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि गुरुग्राम के राजीव चौक पर यातायात जाम की समस्या को दूर करने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा । ये फ्लाइओवर दिल्ली से सोहना और सोहना से दिल्ली की ओर जाने के लिए सर्विस रोड़ से बनाए जाएँगे । अधिकारियों ने बताया कि दूरसंचार विभाग की जमीन से संबंधित विषय को सुलझाया जा रहा है और परियोजना के लिए मार्च 2027 तक टेंडर जारी किए जाने की संभावना है। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली-सोहना के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी तथा शहर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में शामिल राजीव चौक पर यातायात दबाव कम होगा।

एनएचएआई की ओर से राजीव चौक पर मौजूदा नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट (एनएमटी) सुविधा को बंद करने का प्रस्ताव है । अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में इसका उपयोग नहीं हो रहा है और मानसून के दौरान यहां जलभराव की स्थिति भी बनती है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है और इनके स्थान को सड़क में मिलाया जाएगा, जिससे राजीव चौक के दोनों ओर सड़क और चौड़ी हो जाएंगी ।

*दिसंबर तक गुरुग्राम में लगाए जाएंगे छह नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन*

बैठक में गुरुग्राम में वायु प्रदूषण की स्थिति और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि शहर में वर्तमान में चार एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन नामतः टेरी ग्राम फरीदाबाद रोड, विकास सदन और गुरुग्राम विश्वविद्यालय और मानेसर स्थित एचएसआईआईडीसी भवन में संचालित हैं।

शहर में छह और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क, सेक्टर-29, जल शोधन संयंत्र बसई, ताऊ देवी लाल पार्क सेक्टर-22, एसजीटी विश्वविद्यालय, केआर मंगलम विश्वविद्यालय और स्टारेक्स विश्वविद्यालय में स्थापित किए जाएंगे। इन सभी स्टेशनों को दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

डीएस ढेसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में स्टेशन स्थापित करने तथा उनके प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सभी विभागों को समन्वित एवं निरंतर कार्रवाई करने और सीएक्यूएम के निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

*शोधित सीवेज पानी के भरपूर उपयोग पर जोर*

बैठक में बेहरामपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्राप्त शोधित पानी के उपयोग की भी समीक्षा की गई। सिंचाई विभाग ने बताया कि बहरामपुर से पीटीसी भोंडसी, टिकली तथा गैरतपुर तक लाइनें बिछाई जा चुकी हैं । टिकली के लिए 5 एमएलडी, गैरतपुर बास के लिए 4 एमएलडी और पीटीसी भोंडसी के लिए 18 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन चालू हैं।

टिकली जाने वाली पाइपलाइन से तीन तालाबों में शोधित पानी पहुंचाया जा रहा है, जबकि गैरतपुर बास की पाइपलाइन से 11 तालाबों को पानी दिया जा रहा है। इससे कुल 14 तालाबों के पुनर्जीवन में मदद मिलेगी। इसके अलावा, पीटीसी भोंडसी में 500 एकड़ क्षेत्र को भी शोधित पानी की नेटवर्क से जोड़ा गया है। पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन ने बताया कि परिसर में बागवानी, अस्तबलो , परेड ग्राउण्ड के रखरखाव और अन्य कार्यों के लिए शोधित पानी के आंतरिक उपयोग की व्यवस्था के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है।

*फुटपाथ रख रखाव पर भी हुई चर्चा*

बैठक में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और फुटपाथों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के पैदल यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षित एवं सुगम पैदल यातायात संबंधी निर्देशों के मद्देनजर श्री डीएस ढेसी ने सेक्टर-29 के मेट्रो स्टेशन के करीब 500 मीटर क्षेत्र में फुटपाथों को ठीक करने के निर्देश दिए।

एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह ने बताया कि राहगिरी फाउंडेशन के सहयोग से फुटपाथ का डिजाइन तैयार किया जा रहा है। प्रधान सलाहकार ने निर्देश दिए कि डिजाइन को अंतिम रूप देते समय डीसीपी ट्रैफिक को भी शामिल किया जाए, ताकि पैदल आवागमन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा सके।

इस संदर्भ में जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि राजीव चौक से सदर बाजार तक फुटपाथ विकसित करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया जा चुका है। श्री डीएस ढेसी ने दोनों एजेंसियों को एक महीने के भीतर अपने-अपने कॉन्सेप्ट प्लान तैयार कर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में फुटपाथों का विकास इस प्रकार किया जाना चाहिए कि पैदल यात्रियों को सुरक्षित, निर्बाध और अतिक्रमण मुक्त आवागमन की सुविधा मिले।

*सितंबर तक द्वारका एक्सप्रेसवे-पटौदी कनेक्टिविटी का बड़ा हिस्सा पूरा होगा*

बैठक में द्वारका एक्सप्रेसवे से पटौदी की ओर प्रस्तावित कनेक्टिविटी की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि उमंग भारद्वाज चौक से द्वारका एक्सप्रेसवे तक हाईवे का हिस्सा तैयार है और प्रयोग भी हो रहा है । द्वारका एक्सप्रेसवे से कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे तक का हिस्सा सितंबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। रेलवे ओवरब्रिज का कार्य बाद में पूरा किया जाएगा।

*436 बीघा जमीन पर बढ़ेगा हरित क्षेत्र*

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) को वापस मिली 436 बीघा जमीन के उपयोग की भी बैठक में समीक्षा की गई। गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड के दोनों ओर स्थित यह जमीन नेचुरल कंजर्वेशन जोन में आती है। श्री डीएस ढेसी ने एमसीजी को निर्देश दिए कि इस जमीन का उपयोग शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए किया जाए और इसके विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

*एक माह में 32,740 मीट्रिक टन सीएंडडी वेस्ट उठाया*

बैठक में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। एमसीजी आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि पिछले एक महीने में शहर के विभिन्न हिस्सों से 32,740 मीट्रिक टन सीएंडडी वेस्ट उठाया गया है।

प्रधान सलाहकार ने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट से मलबा हटाकर उन्हें दोबारा विकसित और उपयोग योग्य बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर, विशेषकर रात के समय, अवैध रूप से मलबा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

एमसीजी आयुक्त ने बताया कि सीएंडडी वेस्ट के बेहतर प्रबंधन के लिए निगम द्वारा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी तैयार किया जा रहा है।

*‘म्हारी सड़क’ की शिकायतों का हो समयबद्ध समाधान*

बैठक में ‘म्हारी सड़क’ एप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। श्री डीएस ढेसी ने एनएचएआई, जीएमडीए, एमसीजी, एमसीएम, एचएसवीपी और एचएसएएमबी सहित सभी सड़क निर्माण एवं रखरखाव एजेंसियों को शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने दोहराया कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) में आने वाली सभी सड़कों का एसडीओ द्वारा हर महीने निरीक्षण किया जाए, जबकि कार्यकारी अभियंता द्वारा हर तिमाही निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रत्येक माह के पहले सप्ताह तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद में एफएमडीए के तहत 25 सड़कें और गुरुग्राम में जीएमडीए के तहत 17 सड़कें वर्तमान में डीएलपी में हैं।

डीएस ढेसी ने कहा कि गड्ढों को भरने और सड़क मरम्मत के कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। मरम्मत कार्य घटिया सामग्री से नहीं किए जाने चाहिए तथा आमजन की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, गुरुग्राम के उपायुक्त उत्तम सिंह, मानेसर निगम आयुक्त प्रदीप कुमार, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, सहित जीएमडीए, एनएचएआई, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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