मेयर की अध्यक्षता में एमसीजी की महत्वपूर्ण बैठक, सफाई से लेकर मानसून प्रबंधन तक की हुई समीक्षा

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• *मेयर राजरानी मल्होत्रा ने निगमायुक्त प्रदीप दहिया एवं अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की, नए डोर-टू-डोर टेंडर में करीब 854 वाहन होंगे शामिल*

गुरुग्राम, 13 अगस्त। नगर निगम गुरुग्राम की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने, नागरिक सुविधाओं में सुधार तथा शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से मेयर राजरानी मल्होत्रा की अध्यक्षता में निगम कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, वरिष्ठ अधिकारियों एवं निगम पार्षदों ने भाग लिया।

बैठक में सफाई व्यवस्था, घर-घर कचरा संग्रहण, मानसून प्रबंधन, नए डोर-टू-डोर टेंडर, इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग, ड्रेन सुधार, पोंड रिवाइवल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पेयजल आपूर्ति सहित नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान मेयर राजरानी मल्होत्रा ने निगमायुक्त प्रदीप दहिया एवं पूरी निगम टीम द्वारा शहर में सफाई व्यवस्था, जल निकासी, जल संरक्षण और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में नागरिक सुविधाओं को लगातार अपग्रेड करना जरूरी है। इसके लिए निगम प्रशासन, पार्षदों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

बैठक में बताया गया कि शहर की सफाई व्यवस्था एवं घर-घर कचरा संग्रहण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। नए डोर-टू-डोर टेंडर में लगभग 854 वाहन शामिल होंगे। इस टेंडर में अच्छी कंपनियों ने भागीदारी की है। नई व्यवस्था में घर से कचरा संग्रहण से लेकर कचरे को संबंधित प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को शामिल किया गया है। इससे कचरा संग्रहण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, नियमित और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी।

बैठक में मानसून प्रबंधन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बताया गया कि पिछले मानसून की तुलना में इस वर्ष कई क्षेत्रों में जल निकासी तेजी से हुई है। नगर निगम द्वारा किए गए पोंड रिवाइवल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के सकारात्मक परिणाम भी विभिन्न क्षेत्रों में सामने आए हैं। इससे वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन और जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए ड्रेनों में सुधार एवं उनकी क्षमता बढ़ाने, सभी पोंड को रिवाइव करने तथा नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।

शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। मौजूदा ड्रेनों की स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ आवश्यक स्थानों पर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। पोंड रिवाइवल और वर्षा जल संचयन को भी शहर की जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी का बेहतर प्रबंधन होने के साथ-साथ भूजल रिचार्ज को भी बढ़ावा मिले।

बैठक में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि बूस्टिंग स्टेशनों पर स्काडा सिस्टम लगाने तथा उन्हें ऑटोमेटेड करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। तकनीक आधारित निगरानी एवं संचालन से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही नगर निगम द्वारा 24×7 पेयजल आपूर्ति की दिशा में भी लगातार कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

नगर निगम द्वारा तकनीक आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग भी की गई है। इसमें शहर की सीवरेज, पेयजल एवं ड्रेनेज लाइनें, सड़कें, फुटपाथ सहित अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया गया है। मैपिंग के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों में मौजूद बुनियादी ढांचे की बेहतर जानकारी उपलब्ध हो रही है। इससे आवश्यकतानुसार इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की योजना बनाने तथा नागरिक समस्याओं के समाधान को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि गुरुग्राम के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सफाई, कचरा संग्रहण, जल निकासी, पेयजल, जल संरक्षण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में निरंतर सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन और पार्षदों के बेहतर समन्वय से जमीनी स्तर की समस्याओं की पहचान कर उनका प्रभावी समाधान किया जा सकता है। उन्होंने निगमायुक्त एवं पूरी टीम द्वारा किए जा रहे सकारात्मक कार्यों की सराहना करते हुए नागरिक हित में इसी गति से कार्य जारी रखने पर जोर दिया।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम का फोकस बेहतर नागरिक सेवाएं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर है।

उन्होंने कहा कि सफाई एवं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ मानसून प्रबंधन, ड्रेनेज सुधार, पोंड रिवाइवल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले मानसून की तुलना में इस बार कई क्षेत्रों में जल निकासी में सुधार दिखाई दिया है और आने वाले समय में इन व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्काडा, इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग और अन्य तकनीकी प्रणालियों के माध्यम से नगर निगम की सेवाओं को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि नगर निगम द्वारा शहर के विकास को केवल तत्काल समस्याओं के समाधान तक सीमित न रखते हुए दीर्घकालिक एवं स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बेहतर सफाई व्यवस्था, मजबूत जल निकासी, सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण और तकनीक आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से निगम का लक्ष्य गुरुग्राम को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित, सुविधाजनक और सतत शहर के रूप में विकसित करना है।

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Author: Bharat Sarathi

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