कहा- भाजपा शासन में नशे की समस्या ढाई जिलों से बढ़कर 20 जिलों तक पहुंची, मुख्यमंत्री के दावों पर उठाए सवाल
गुरुग्राम, 3 अगस्त। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने पंजाब के कोटकपूरा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा नशे पर नियंत्रण को लेकर किए गए दावों को हास्यास्पद बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में हरियाणा में नशे की समस्या पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ी है।
विद्रोही ने कहा कि वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार के समय नशे की समस्या सीमित क्षेत्रों तक थी, जबकि वर्तमान में यह प्रदेश के अधिकांश जिलों तक फैल चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इसे अपनी उपलब्धि मानती है, तो यह जनता के साथ मजाक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के शिक्षण संस्थानों के आसपास और भीतर भी नशे की उपलब्धता चिंता का विषय है तथा बड़ी संख्या में युवा इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। विद्रोही ने दावा किया कि हरियाणा उत्तर भारत में नशीले पदार्थों की सप्लाई का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां विभिन्न राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले नशीले पदार्थों का नेटवर्क सक्रिय है।
विद्रोही ने कहा कि प्रदेश में नशे की गंभीर स्थिति के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा नशे पर प्रभावी नियंत्रण के दावे वास्तविकता से मेल नहीं खाते। उन्होंने सरकार से नशा तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।









