मनरेगा के स्थान पर लागू नई योजना पर उठाए सवाल, सरकार से मांगा श्वेत पत्र

रेवाडी, 13 जुलाई। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मनरेगा के स्थान पर लागू की गई वीबी जी राम जी योजना को ग्रामीण विकास और रोजगार के नाम पर आमजन की आंखों में धूल झोंकने वाली योजना बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना से न तो ग्रामीण मजदूरों को अपेक्षित रोजगार मिलेगा और न ही जनभावनाओं के अनुरूप ग्रामीण विकास कार्य हो पाएंगे।
विद्रोही ने कहा कि देशभर में मनरेगा के स्थान पर लागू की गई वीबी जी राम जी योजना हरियाणा में भी 1 जुलाई 2026 से विधिवत रूप से लागू कर दी गई है। योजना लागू करते समय मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सरकार के अन्य प्रतिनिधियों द्वारा ग्रामीण मजदूरों को वर्ष में 125 दिन रोजगार की गारंटी देने के बड़े-बड़े दावे किए गए और इसे ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया गया।
उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या वास्तव में हरियाणा में इस योजना के माध्यम से ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलेगा अथवा यह केवल एक और सरकारी घोषणा बनकर रह जाएगी। विद्रोही के अनुसार, मनरेगा के तहत राज्यों को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता प्राप्त होती थी तथा ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाएं बनाकर कार्य कराती थीं। इसके बावजूद हरियाणा में भाजपा सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी होने के बावजूद अधिकांश स्थानों पर 15 से 20 दिन से अधिक कार्य उपलब्ध नहीं कराया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मनरेगा कानून के तहत पात्र श्रमिकों को मिलने वाला रोजगार गारंटी भत्ता भी नहीं दिया गया।
विद्रोही ने कहा कि जब मनरेगा के लिए केंद्र सरकार से पूरी राशि अनुदान के रूप में प्राप्त होती थी, तब भी यदि यह स्थिति रही, तो अब वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार केवल 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता देगी और शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को अपने संसाधनों से उपलब्ध करानी होगी। ऐसे में हरियाणा सरकार द्वारा 125 दिन रोजगार और रोजगार न मिलने पर भत्ता देने का दावा व्यवहारिक रूप से संभव नहीं दिखाई देता।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वह एक श्वेत पत्र जारी कर बताए कि अक्टूबर 2014 से जून 2024 तक हरियाणा में मनरेगा के तहत ग्रामीण मजदूरों को प्रतिवर्ष औसतन कितने दिनों का रोजगार मिला तथा 100 दिन का रोजगार उपलब्ध न होने पर रोजगार गारंटी के रूप में कितने श्रमिकों को कितनी राशि का भुगतान किया गया।
विद्रोही ने दावा किया कि ऐसा श्वेत पत्र जारी होने पर हरियाणा में मनरेगा के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी और साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि वीबी जी राम जी योजना के तहत 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराने के सरकारी दावों की वास्तविकता क्या होगी।









