नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और इंजीनियरों को पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य, प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारु और जवाबदेह बनाने के लिए निर्देश
गुरुग्राम, 10 जुलाई। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने निगम की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक अनुशासित, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। अब नगर निगम का कोई भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा इंजीनियर सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ सकेगा। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लागू नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
बिना सूचना स्टेशन छोड़ने से कार्यप्रणाली हो सकती है प्रभावित
आदेश में कहा गया है कि अगर कोई अधिकारी, कर्मचारी और इंजीनियर बिना पूर्व सूचना दिए अथवा सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त किए बिना स्टेशन छोड़ते है, तो इससे नगर निगम की सुचारु कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसे गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या इंजीनियर पूर्व अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ेगा। सभी अधिकारियों को इन निर्देशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
मानसून के दौरान अधिकारियों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण
मानसून के दौरान शहर में जलनिकासी, सफाई व्यवस्था, सीवर प्रबंधन, सड़क रखरखाव तथा अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी आवश्यक होती है। बारिश के दौरान किसी भी स्थान पर उत्पन्न होने वाली समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और फील्ड टीमों की तत्काल उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
नगर निगम गुरुग्राम द्वारा मानसून प्रबंधन के लिए फील्ड टीमों और मशीनरी की तैनाती के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसे में अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों की उपलब्धता से फील्ड टीमों के साथ बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
निगमायुक्त द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्देशों के किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ लागू सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सभी शाखाओं और फील्ड अधिकारियों को निर्देशों की सख्त अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासनिक जवाबदेही और त्वरित नागरिक सेवाओं पर जोर
नगर निगम गुरुग्राम द्वारा नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने के लिए फील्ड आधारित प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहने, नागरिक समस्याओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देने तथा फील्ड टीमों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से मानसून अवधि में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो, सफाई व्यवस्था और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में अधिकारियों की समय पर उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इस आदेश से प्रशासनिक समन्वय और जवाबदेही को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
नागरिक सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि नगर निगम का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, त्वरित और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बिना पूर्व अनुमति स्टेशन छोड़ने की प्रवृत्ति को गंभीरता से लिया जाएगा और निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशासनिक समन्वय, अधिकारियों की उपलब्धता और फील्ड स्तर पर सक्रिय निगरानी के माध्यम से नागरिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।









