12 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश करेंगे टावर ऑफ जस्टिस का लोकार्पण
अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी तैयारियां पूरी करने तथा आपसी समन्वय बनाए रखने के दिए निर्देश

गुरुग्राम, 10 जुलाई- 12 जुलाई को प्रस्तावित टावर ऑफ जस्टिस के लोकार्पण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एन.एस. शेखावत की अध्यक्षता में आयोजन स्थल पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान समारोह से संबंधित सभी विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा प्रत्येक व्यवस्था का बिंदुवार आकलन किया गया।
न्यायमूर्ति एन.एस. शेखावत ने कहा कि टावर ऑफ जस्टिस का लोकार्पण गुरुग्राम की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नए न्यायिक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि न्यायिक अधोसंरचना को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस परिसर के शुरू होने से न्यायिक कार्यों के संचालन में और अधिक सुविधा मिलेगी तथा आम नागरिकों को बेहतर न्यायिक सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समारोह से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कर ली जाएं और सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, बिजली, पेयजल सहित सभी आवश्यक प्रबंधों में किसी भी प्रकार की कमी न रहे, ताकि कार्यक्रम का सफल एवं गरिमापूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। वीआईपी मूवमेंट, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, पार्किंग, यातायात संचालन, चिकित्सा सहायता, अग्निशमन सेवाएं, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, संकेतक बोर्ड तथा न्यायालय परिसर के भीतर और बाहर की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह व्यवस्थित एवं सुचारु होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समारोह में आने वाले न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, विशिष्ट अतिथियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए।
न्यायमूर्ति एन.एस. शेखावत ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और सौंपी गई जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समारोह से पूर्व सभी व्यवस्थाओं का अंतिम निरीक्षण कर लिया जाए तथा यदि किसी प्रकार की कमी हो तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने आयोजन स्थल एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा, डीसी उत्तम सिंह, पुलिस आयुक्त सिबाश कबिराज, , एडीसी सोनू भट्ट, डीसीपी हेडक्वार्टर डॉ. अंशु सिंगला, डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत, जीएमसीबीएल के एडिशनल सीईओ रविंद्र कुमार, एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








