मानसून से पहले जीएमडीए द्वारा की गई तैयारियों की वजह से भारी वर्षा के बावजूद एसपीआर रहा जलभराव मुक्त

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-सेक्टर 1 से 80 तक प्रमुख सड़कों और चिह्नित जलभराव वाले क्षेत्रों में तेज़ी से हुई वर्षा जल निकासी

Surface drain being connected to master stormwater drain Leg 3, along Sector 65.

गुरुग्राम, 10 जुलाई। मानसून से पहले गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ( जीएमडीए) द्वारा की गई तैयारियों की वजह से इस बार पूरे सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर कहीं भी जलभराव नहीं हुआ। इस मार्ग पर मानसून से पहले 17 बिंदुओं की पहचान करके वहाँ रोड गली और चैम्बर इत्यादि बनाकर बरसाती पानी को कॉस्ट नाला में डालने के उपाय किए गए । यही नहीं, सतही नालियों (सरफेस ड्रेन) की व्यापक सफाई कराई गई, उन्हें मास्टर ड्रेन से जोड़ा गया तथा आवश्यक स्थानों पर नए चैंबर बनाकर वर्षा जल निकासी के मार्गों को सुचारु किया गया, जिसके कारण भारी वर्षा के बावजूद सीपीआर पर पानी का तेजी से निकास होता रहा।

इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी सी मीणा ने बताया कि मानसून की पहली बारिश के दौरान गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में किए गए बाढ़ राहत एवं वर्षा जल निकासी प्रबंध प्रभावी साबित हुए। हाल ही में हुई भारी वर्षा के दौरान जलभराव संभावित सभी स्थानों की लगातार निगरानी की गई और देखा गया कि एसपीआर पर कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न ही नहीं हुई, जबकि जीएमडीए के अधीन शहर के अन्य कुछ स्थानों पर बारिश रुकने के लगभग दो घंटे के भीतर ही बरसाती पानी पूरी तरह निकल गया। इससे लोगों को काफ़ी राहत मिली ।

Connection of surface drain with Leg 3 drain at sector 50.

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर 1 से 80 तक जिन संवेदनशील स्थानों पर हर वर्ष भारी जलभराव की समस्या उत्पन्न होती थी, वहां इस बार जीएमडीए द्वारा किए गए सुधारात्मक उपायों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।

जीएमडीए के इंजीनियरिंग विंग ने पूर्व में सेक्टर 1 से 80 के बीच ऐसे 42 संवेदनशील स्थलों की पहचान की थी, जहां प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान न केवल भारी मात्रा में पानी भरता था, बल्कि कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती थी। इन स्थानों पर व्यापक स्तर पर ड्रेनेज सुधार, नालों की सफाई, जल निकासी मार्गों को सुचारु करने तथा अन्य आवश्यक इंजीनियरिंग कार्य किए गए थे।

जिन प्रमुख स्थानों पर इस बार प्रभावी जल निकासी देखने को मिले , उनमें एआईटी चौक, सेंट जेवियर्स स्कूल के सामने का क्षेत्र, ट्यूलिप चौक, मेदांता रोड, आर्टेमिस हॉस्पिटल रोड, रेजांगला चौक, सेक्टर-22/23, सेक्टर-45/46 रोड सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।मेदान्ता रोड के गुरुद्वारे वाली साइड के एक हिस्से में थोड़ा पानी कुछ देर के लिए भरा था क्योंकि वहाँ पर सरफेस ड्रेन की सफाई का कार्य अभी प्रगति पर है ।

इसी प्रकार, हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक सरफेस ड्रेन, जो लंबे समय से मिट्टी से अटी पड़ी थी , उनकी सफाई कर जल निकासी क्षमता बढ़ाई गई। इसका परिणाम यह रहा कि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर भी वर्षा जल का शीघ्र निकास सुनिश्चित हुआ।

श्री मीणा ने बताया कि उपरोक्त के अतिरिक्त सेक्टर-9 एवं सेक्टर-9ए के समीप, जहां पिछले वर्ष गंभीर जलभराव की स्थिति बनी थी, वहां भी जीएमडीए द्वारा किए गए ड्रेनेज सुधार कार्यों के कारण इस बार पानी नहीं ठहरा और वर्षा जल का निर्बाध निकास हुआ।

श्री मीणा ने कहा कि मानसून के दौरान जीएमडीए की टीमें लगातार फील्ड में तैनात रही और शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करते हुए आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं जल निकासी संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित किए गए ।

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Author: Bharat Sarathi

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