सेक्टर-4 में जलभराव, टूटी सड़कें और जाम सीवर से जनता बेहाल

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नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, ऊर्वा संरक्षक धर्मसागर ने जताया रोष

गुरुग्राम, 10 जुलाई। गुरुग्राम के सेक्टर-4 में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। अर्बन रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (ऊर्वा) के संरक्षक धर्मसागर ने क्षेत्र की समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई

धर्मसागर ने कहा कि सेक्टर-4 की समस्याओं को लेकर लगातार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भेजी जा रही हैं, लेकिन अब तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है और क्षेत्रवासियों की परेशानियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

टैक्स जनता दे रही, सुविधाएं नहीं मिल रहीं

उन्होंने कहा कि सेक्टरवासी नियमित रूप से प्रॉपर्टी टैक्स, स्वच्छता शुल्क और अन्य करों का भुगतान कर रहे हैं। इन करों से सरकार और विभागों के अधिकारियों को वेतन और सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन बदले में नागरिकों को केवल आश्वासन और परेशानियां ही प्राप्त हो रही हैं।

धर्मसागर ने कहा कि जनता अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन कर रही है, लेकिन प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से लगातार पीछे हटता दिखाई दे रहा है।

बारिश शुरू होते ही खुल गई व्यवस्थाओं की पोल

बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही सेक्टर-4 में हालात और खराब हो गए हैं। क्षेत्र की अधिकांश सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।

गलियों में कीचड़ जमा होने से पैदल चलना मुश्किल हो गया है, जबकि कई स्थानों पर पानी लंबे समय तक जमा रहने के कारण मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

जाम सीवर और बंद नाले बने बड़ी समस्या

स्थानीय निवासियों के अनुसार क्षेत्र के अधिकांश सीवर जाम पड़े हैं और नालों की सफाई लंबे समय से नहीं हुई है। बारिश का पानी निकासी नहीं होने के कारण सड़कों और गलियों में भर रहा है।

धर्मसागर ने कहा कि यदि समय रहते सीवर और नालों की सफाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं सड़कें

सेक्टर-4 की सड़कों की हालत भी बेहद खराब हो चुकी है। कई सड़कें टूटकर गहरे गड्ढों में बदल गई हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है, लेकिन मरम्मत कार्य की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

बाल भवन और कम्युनिटी सेंटर की हालत भी खराब

धर्मसागर ने बताया कि सेक्टर के मुख्य बाजार, बाल भवन और कम्युनिटी सेंटर की हालत भी बद से बदतर हो चुकी है, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।

कूड़ा उठान व्यवस्था ठप होने से बढ़ी चिंता

उन्होंने नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। धर्मसागर ने कहा कि पहले निगम की गाड़ियां और रिक्शे नियमित रूप से घर-घर से कूड़ा एकत्र करने आते थे, लेकिन अब यह व्यवस्था लगभग ठप हो चुकी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक लोग अपने घरों में कूड़ा जमा करके रखने को मजबूर रहेंगे।

कूड़ा सड़क पर डालने को मजबूर होंगे लोग

धर्मसागर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही कूड़ा उठान व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो मजबूर होकर सेक्टरवासी अपना कूड़ा सेक्टर-4/7 चौक पर डालने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और नगर निगम की होगी।

नगर निगम आयुक्त से संयुक्त बैठक की मांग

ऊर्वा संरक्षक ने नगर निगम आयुक्त से आग्रह किया है कि वे एक दिन निर्धारित कर सेक्टर-4 आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों के साथ संयुक्त बैठक करें, ताकि लोग सीधे अपनी समस्याओं और शिकायतों को उनके सामने रख सकें।

उनका कहना है कि संवाद के माध्यम से ही समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल की जा सकती है।

जल्द समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा फैसला

धर्मसागर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि नगर निगम ने जल्द ही सेक्टरवासियों की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया तो आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासी मिलकर बड़ा और कड़ा निर्णय लेने के लिए मजबूर होंगे।

उन्होंने कहा कि अब क्षेत्रवासी केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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