सरकारी स्कूलों को बंद करना शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय पर सीधा प्रहार : कुमारी सैलजा

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चंडीगढ़, 9 जुलाई। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने देश में सरकारी स्कूलों की घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें नई शिक्षा नीति का प्रचार तो बड़े स्तर पर करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल केवल शिक्षा के केंद्र नहीं, बल्कि गरीब, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के बेहतर भविष्य का सबसे बड़ा आधार हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यू-डाइस प्लस (यू डी आईएस+) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2025-26 के दौरान देशभर में 4,791 स्कूल बंद हुए, जिनमें 2,426 स्कूल अकेले मध्य प्रदेश में बंद हुए, जबकि हरियाणा में भी 20 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। यह चिंता का विषय है कि सरकारी शिक्षा के दायरे को लगातार सीमित किया जा रहा है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि स्कूलों को बंद करने के बजाय उन्हें सुदृढ़ बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी लोकतांत्रिक और कल्याणकारी राज्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। यदि सरकार सरकारी विद्यालयों को बंद करेगी तो इसका सबसे अधिक नुकसान उन परिवारों को होगा जो निजी विद्यालयों की महंगी फीस वहन करने में सक्षम नहीं हैं। इससे सामाजिक और आर्थिक असमानता और बढ़ेगी। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां धीरे-धीरे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर निजीकरण को बढ़ावा देने वाली प्रतीत होती हैं। स्कूलों का विलय या बंद करने जैसी नीतियों से दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सरकार को स्कूल बंद करने के बजाय शिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है। सरकारी विद्यालयों को मजबूत करना ही समान अवसर और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। कुमारी सैलजा ने केंद्र और हरियाणा सरकार से मांग की कि सरकारी स्कूलों को बंद करने की नीति पर पुनर्विचार किया जाए, ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में विद्यालयों को सुदृढ़ किया जाए तथा ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित की जाए जिसमें हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा का समान अवसर मिल सके।

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Author: Bharat Sarathi

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