पहली ही बारिश में बह गए भाजपा सरकार के दावे, रेवाड़ी बना ‘स्विमिंग पूल’ : वेदप्रकाश विद्रोही

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रेवाड़ी, 8 जुलाई 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि मानसून की पहली ही बारिश ने भाजपा सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के उन तमाम दावों को पानी-पानी कर दिया, जिनमें इस वर्ष रेवाड़ी को जलभराव मुक्त बनाने का दावा किया गया था। उन्होंने कहा कि 7 जुलाई को हुई पहली ही बारिश ने पूरे शहर को “स्विमिंग पूल” में बदलकर सरकारी तैयारियों की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने ला दी।

विद्रोही ने कहा कि भाजपा सरकार, प्रशासन, नगर परिषद और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार यह प्रचार करते रहे कि इस बार नालों, नालियों, सीवरों और जल निकासी व्यवस्था की व्यापक सफाई कर दी गई है और शहर में जलभराव की समस्या नहीं होगी। लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की ऐसी पोल खोली कि पूरा शहर पानी में डूब गया।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस बार सफाई इतनी “बेहतर” हुई कि जहां पहले केवल पुराने शहर और सर्कुलर रोड क्षेत्र में जलभराव होता था, वहीं अब सेक्टर, मॉडल टाउन और विकसित कॉलोनियां भी पानी में डूब गईं। ऐसा प्रतीत होता है कि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था ने जलभराव को भी पूरे शहर में समान रूप से वितरित कर दिया है।

विद्रोही ने सवाल उठाया कि मानसून पूर्व सफाई के नाम पर खर्च किया गया पैसा आखिर गया कहां? यदि नाले, नालियां, सीवर, ड्रेनेज और पानी निकासी मार्ग वास्तव में साफ किए गए थे तो बारिश का पानी निकला क्यों नहीं? शहर की सड़कें, गलियां और बाजार कीचड़, गंदगी और पानी से क्यों भर गए?

उन्होंने कहा कि जलभराव नहीं होने के बड़े-बड़े दावे करने वाले सांसद राव इन्द्रजीत सिंह अब जनता को जवाब दें कि उनके आश्वासन का क्या हुआ। वहीं सफाई अभियानों के नाम पर मीडिया में फोटो खिंचवाने और प्रचार करने वाले भाजपा विधायक भी बताएं कि उनका तथाकथित सफाई अभियान आखिर जमीन पर क्यों दिखाई नहीं दिया।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि सांसद, विधायक, नगर परिषद के निर्वाचित प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय अपने-अपने हित साधने में लगे रहे, जबकि शहर को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में विकास और सफाई के नाम पर केवल दावे, विज्ञापन और फोटो अभियान चलाए गए, जबकि धरातल पर जनता को जलभराव, गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि जवाबदेही तय नहीं की गई और भ्रष्टाचार तथा लापरवाही पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आगामी बारिशों में स्थिति और भयावह हो सकती है तथा इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ेगा।

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Author: Bharat Sarathi

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