सील टूटे प्रश्नपत्र, OMR में गड़बड़ी, गलत प्रश्न, टाइपिंग त्रुटियों और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप; कांग्रेस ने परीक्षा रद्द कर FIR और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की
चंडीगढ़, 5 जुलाई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) लेवल-3 (PGT) में व्यापक अनियमितताओं और कथित पेपर लीक का आरोप लगाते हुए नायब सैनी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई को राज्य के 238 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित PGT परीक्षा अब पूरी तरह संदेह और विवादों के घेरे में आ गई है।
सुरजेवाला ने कहा कि एक वर्ष से शिक्षक बनने का सपना संजोए लाखों युवा भाजपा सरकार की लापरवाही और कथित हेराफेरी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा अब यह पूछने को मजबूर है कि आखिर वह कब तक हर भर्ती और परीक्षा में होने वाले गड़बड़झाले की मार झेलता रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि रेवाड़ी के संगलोवा सूरज स्कूल सहित कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को पहले से टूटी हुई सील वाले प्रश्नपत्र दिए गए। जब अभ्यर्थियों ने इस पर आपत्ति जताई तो उन्हें बताया गया कि प्रश्नपत्र इसी स्थिति में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से प्राप्त हुए हैं। सुरजेवाला ने कहा कि दादरी सहित अन्य केंद्रों पर भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं और दादरी के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम डॉ. वीरेंद्र अहलावत ने भी सील टूटने की घटना स्वीकार करते हुए इसकी जिम्मेदारी शिक्षा बोर्ड पर डाली है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रश्नपत्रों की सील पहले से टूटी हुई थी तो क्या यह संभव नहीं कि प्रश्नपत्र पहले ही व्हाट्सऐप या अन्य माध्यमों से लीक होकर बेचे गए हों?
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि रेवाड़ी और कैथल में प्रश्नपत्र तथा OMR शीट के सीरियल नंबर अलग-अलग पाए गए। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में कुछ विद्यार्थियों को दूसरे अभ्यर्थियों के रोल नंबर वाली OMR शीट दे दी गई, जिसे विरोध के बाद बदला गया। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में अतिरिक्त OMR शीट उपलब्ध होना भी गंभीर संदेह पैदा करता है और इससे बाद में OMR बदलकर मनचाहे अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेवाड़ी में अंग्रेजी विषय के अभ्यर्थियों को पहले अर्थशास्त्र का प्रश्नपत्र दे दिया गया, जिसे बाद में बदलकर अंग्रेजी का प्रश्नपत्र दिया गया। उनके अनुसार यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि गंभीर गड़बड़ी का प्रमाण है।
सुरजेवाला ने प्रश्नपत्र में अनेक त्रुटियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रश्न संख्या 141 से 150 तक एक गद्यांश पर आधारित थे, जबकि पूरा गद्यांश ही प्रश्नपत्र में नहीं छापा गया। हिंदी के एक प्रश्न में क्रिया पहचानने के लिए कहा गया, लेकिन संबंधित वाक्य ही अनुपस्थित था। अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में कई शब्दों की वर्तनी गलत लिखी गई, जबकि विज्ञान के प्रश्नपत्र में ‘Urine’ का हिंदी अनुवाद ‘Wine’ कर दिया गया। इसके अतिरिक्त कॉमर्स विषय के प्रश्नपत्र में प्रश्नों की क्रम संख्या भी गलत छपी हुई थी।
उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं से स्पष्ट है कि HTET लेवल-3 की पूरी परीक्षा गंभीर अनियमितताओं और अव्यवस्था से प्रभावित रही। ऐसे में अगली परीक्षाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार से मांग की कि HTET लेवल-3 (PGT) परीक्षा को तत्काल रद्द कर दोबारा आयोजित किया जाए। साथ ही प्रश्नपत्रों की सील टूटने और कथित पेपर लीक की घटना की एफआईआर दर्ज कर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों तथा इस पूरे मामले में शामिल कथित पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां की जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि मुख्यमंत्री नायब सैनी सार्वजनिक रूप से हरियाणा के युवाओं से माफी मांगें और पूरे प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें।








