उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने एमसीजी अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
गुरुग्राम में चल रहे 366 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों एवं नई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिए समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश

गुरुग्राम, 27 जून। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने शनिवार को नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर शहर में चल रहे विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में सफाई व्यवस्था, वर्षा जल संचयन, तालाबों के पुनर्जीवन, ड्रेनेज नेटवर्क, निगम के नए जोनिंग प्लान, प्रॉपर्टी आईडी, राजस्व संग्रह तथा बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रही एवं प्रस्तावित विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
क्षमता से अधिक कार्य किसी ठेकेदार को न दिए जाएं

राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी ठेकेदार को उसकी क्षमता से अधिक कार्य आवंटित न किया जाए। यदि कोई एजेंसी समय पर कार्य पूरा नहीं करती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि तीन महीने में पूरे होने वाले कार्य यदि छह महीने या एक वर्ष तक अधूरे रहें तो इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इंजीनियरिंग शाखा को निर्देश दिए कि कार्य आवंटन से पूर्व एजेंसियों की क्षमता, संसाधनों और कार्य निष्पादन की समीक्षा अवश्य की जाए। गुणवत्ता और समयसीमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार दोनों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मानसून से पहले पूरे हों सड़क, सीवर और ड्रेनेज कार्य
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क, सीवर, ड्रेनेज एवं अन्य निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। किसी भी मुख्य सड़क या कॉलोनी में लंबे समय तक खुदाई की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों के कारण नागरिकों को जलभराव, कीचड़ और आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए अधिकारी नियमित निरीक्षण कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराएं।
नई जोन व्यवस्था शहर प्रबंधन को बनाएगी अधिक प्रभावी
बैठक में नगर निगम की नई जोन व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। राव नरबीर सिंह ने कहा कि बेहतर शहरी नियोजन, आधुनिक आधारभूत ढांचे और प्रभावी नागरिक सेवाओं के माध्यम से गुरुग्राम को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को परिणाम आधारित कार्यशैली अपनाने और जनहित के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
राजस्व बढ़ा है तो विकास भी दिखना चाहिए
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि नगर निगम के राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बढ़े हुए राजस्व का लाभ शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया।
बादशाहपुर विधानसभा में 366 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर
बैठक के दौरान निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विभिन्न वार्डों में लगभग 366 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण, सीवरेज, पेयजल, जल निकासी, पार्क विकास, सौंदर्यीकरण तथा अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं। कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि नागरिकों को शीघ्र बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।
नई विकास परियोजनाओं से बदलेगी बादशाहपुर विधानसभा की तस्वीर
बैठक में क्षेत्र के लिए प्रस्तावित विकास परियोजनाओं का भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इनमें आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालय एवं नॉलेज सेंटर, नई सड़कें, सीवर एवं पेयजल नेटवर्क का विस्तार, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, सामुदायिक केंद्र, खेल सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक आधारभूत परियोजनाएं शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर इन परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए।
प्रॉपर्टी आईडी प्रक्रिया होगी और सरल एवं पारदर्शी
बैठक में प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रॉपर्टी आईडी बनाने, संशोधन और सत्यापन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए तथा नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।
28 प्राथमिकता वाले तालाबों के पुनर्जीवन पर विशेष फोकस
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम गुरुग्राम ने प्रथम चरण में 28 प्राथमिकता वाले तालाबों के पुनर्जीवन एवं संरक्षण का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाया है। अतिक्रमण हटाने, डी-सिल्टिंग, गहराई बढ़ाने, तटबंधों को मजबूत करने तथा वर्षा जल की निकासी को तालाबों तक पहुंचाने जैसे कार्यों से कई तालाबों की जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब तक 12 तालाबों—कादीपुर, समसपुर, साउथ सिटी-2, बेगमपुर खटोला, बादशाहपुर, धनवापुर, बसई दादा भैया, सरहौल एवं सुभाष नगर सहित अन्य तालाबों—की डी-वाटरिंग एवं पुनर्जीवन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नूरपुर झाड़सा, बसई गांव और धनकोट के तालाबों पर कार्य तेजी से जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में 52 अन्य तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके तहत पौधारोपण, वॉकिंग ट्रैक, बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, सोलर लाइट, ओपन जिम, गज़ेबो तथा अन्य जनसुविधाएं विकसित कर तालाबों को जल संरक्षण के साथ-साथ आकर्षक सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रत्येक तालाब को केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने अतिक्रमण मुक्त तालाबों की नियमित निगरानी, वर्षा जल के अधिकतम संचयन तथा सौंदर्यीकरण कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि पुनर्जीवित तालाब गुरुग्राम के भूजल स्तर को सुधारने के साथ-साथ नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं हरित सार्वजनिक स्थल भी बनेंगे।
बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, यश जालुका एवं रविंद्र यादव, चीफ कोऑर्डिनेटर इंडस्ट्रीज सुनील शर्मा, संयुक्त आयुक्त सपना यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता तिलकराज मल्होत्रा सहित नगर निगम के कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे।








