-300 मीटर नई स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, छह जल निकासी चैनल और अतिरिक्त रोड गलियाँ बनाई गई
-ड्रेनेज नेटवर्क मजबूत होने से बरसाती पानी की निकासी होगी तेज़, जलभराव में मिलेगी राहत

गुरुग्राम, 27 जून: शहर के जलभराव प्रभावित स्थानों पर बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की श्रंखला में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा एआईटी चौक पर व्यापक स्तर पर ड्रेनेज सुदृढ़ीकरण कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों के पूरा होने से बरसाती पानी की निकासी तेज़ होगी, ड्रेनेज नेटवर्क की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा भारी बारिश के दौरान इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या कम होगी। इससे यातायात संचालन भी अधिक सुचारु रह सकेगा।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि शहर के चिन्हित जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। एआईटी चौक पर किए जा रहे कार्यों से ड्रेनेज नेटवर्क की जल वहन क्षमता बढ़ेगी, बरसाती पानी का तेजी से निकास होगा तथा इस मुख्य चौराहे पर जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
उन्होंने इन कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सेक्टर-54/55 मास्टर रोड पर स्थित पुलिस चौकी के निकट 600 मिमी की डबल लाइन आरसीसी पाइपों से लगभग 300 मीटर लंबी नई स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बिछाई गई है, जो एआईटी चौक को क्रीक नंबर-4 से जोड़ती है। इस नई ड्रेन के माध्यम से अरावली क्षेत्र और सनसिटी की ओर से आने वाले बरसाती पानी को स्मृति वाटिका पार्क की ओर मोड़ते हुए क्रीक नंबर-4 तक पहुंचाया जाएगा, जिससे एआईटी चौक पर जलभराव की स्थिति में कमी आएगी।

इसके अलावा मुख्य सड़क पर बरसाती पानी का शीघ्र निकास सुनिश्चित करने के लिए छह नए सतही जल निकासी चैनलों का निर्माण किया गया है। इनमें तीन चैनल एआईटी चौक की रोटरी पर तथा तीन पुलिस चौकी के निकट बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से पानी को क्रीक नंबर-4 तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही, विभिन्न स्थानों पर नई रोड गलियों का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि सड़क पर जमा पानी तुरंत ड्रेनेज नेटवर्क में पहुंच सके। इन कार्यों से सड़कों पर जलभराव की संभावना कम होगी और यातायात संचालन भी बेहतर रहेगा।
उन्होंने बताया कि एआईटी चौक पर चल रहे ये कार्य पहले से विकसित ड्रेनेज नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। इससे पहले जीएमडीए द्वारा सड़क के दोनों ओर लगभग 1,100 मीटर लंबी सतही नालों तथा एआईटी चौक से गांव घाटा तक लगभग 1,900 मीटर लंबी मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का निर्माण किया जा चुका है। सतही नालों को इस मास्टर ड्रेन से जोड़ा गया है, जो आगे सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के साथ स्थित लेग-3 (बादशाहपुर ड्रेन) में मिलती है। इस एकीकृत ड्रेनेज नेटवर्क से बरसाती पानी का निर्बाध और तेज़ प्रवाह सुनिश्चित होगा तथा भारी बारिश के बाद जलभराव की संभावनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।
श्री मीणा ने बताया कि एआईटी चौक पर किए जा रहे ये कार्य जीएमडीए द्वारा शहरभर में जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा हैं। इसके तहत गुरुग्राम के विभिन्न जलभराव संभावित स्थानों पर नालों से गाद निकालने, ड्रेनेज नेटवर्क की कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने, अतिरिक्त रोड गलियों के निर्माण तथा नई स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज अवसंरचना के निर्माण जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं।








