135.34 लाख रुपए की वाटर बूस्टिंग योजना को प्रशासनिक स्वीकृति, जलापूर्ति होगी अधिक मजबूत और विश्वसनीय
गुरुग्राम, 26 जून। नगर निगम गुरुग्राम ने वार्ड-17 के अंतर्गत आने वाले मोहम्मदपुर, नरसिंहपुर, खेड़की दौला, दरबारीपुर और पलड़ा गांवों के निवासियों को बेहतर एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन क्षेत्रों के वाटर बूस्टिंग स्टेशनों के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार के लिए 135.34 लाख रुपए की परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्य अभियंता एवं सक्षम प्राधिकारी स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद अब इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
इस परियोजना के तहत खेड़की दौला वाटर बूस्टिंग स्टेशन को जीएमडीए की 900 मिमी मुख्य कैनाल आधारित जलापूर्ति लाइन से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को भूजल के साथ-साथ कैनाल आधारित स्वच्छ पेयजल की भी उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे जल स्रोतों में विविधता आएगी और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।
परियोजना के अंतर्गत पांचों वाटर बूस्टिंग स्टेशनों पर नए ट्यूबवेल, सबमर्सिबल पंप तथा अत्याधुनिक ऑटोमैटिक कंट्रोल पैनल स्थापित किए जाएंगे। इससे जल दबाव में सुधार होगा तथा जलापूर्ति अधिक नियमित और स्थिर हो सकेगी।
साथ ही, नई डी.आई. (डक्टाइल आयरन) पाइपलाइन बिछाकर वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा, जिससे पानी के रिसाव में कमी आएगी और अंतिम छोर तक बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। पुरानी मोटरों की मरम्मत एवं 10 लाख लीटर क्षमता वाली भूमिगत जल टंकी की सफाई से पेयजल की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए वाटर बूस्टिंग स्टेशनों पर एलईडी लाइटिंग एवं ऊर्जा-कुशल उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे संचालन लागत कम होगी और व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
यह परियोजना वार्ड-17 के पांचों गांवों की जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों नागरिकों को बेहतर जल दबाव, नियमित पेयजल आपूर्ति तथा अधिक विश्वसनीय जल वितरण प्रणाली का लाभ मिलेगा। यह योजना नगर निगम गुरुग्राम की नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जल सुरक्षा को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि वार्ड-17 के पांच गांवों के लिए स्वीकृत यह परियोजना क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ एवं अधिक विश्वसनीय बनाएगी। कैनाल आधारित जलापूर्ति से जुड़ने के बाद नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध होगा और भूजल पर निर्भरता भी कम होगी। नगर निगम का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है।








