• भाजपा भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देकर अपने राजनीतिक हितों को साधती रही है– दीपेन्द्र हुड्डा
• बीजेपी के इशारे पर राज्यसभा चुनाव में इसी रिटर्निंग अधिकारी पंकज अग्रवाल ने साजिश रचकर कांग्रेस के वैलिड वोट रद्द किए थे – दीपेन्द्र हुड्डा
• हरियाणा का जनमानस चाहता है कि सीबीआई इस बात की भी जांच करे कि राज्य सभा चुनाव में इस भ्रष्ट अधिकारी ने कांग्रेस के वैलिड वोट रद्द करने के एवज में बीजेपी समर्थित धनकुबेर उम्मीदवार से कितनी रिश्वत ली– दीपेन्द्र हुड्डा
चंडीगढ़, 23 जून। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि CBI द्वारा IAS आईएएस पंकज अग्रवाल की गिरफ़्तारी से बीजेपी बीजेपी का भ्रष्ट चेहरा बेनकाब हो गया है। भाजपा भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देकर अपने राजनीतिक हितों को साधती रही है। इस अधिकारी ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के इशारे पर कांग्रेस के वोट रद्द करके बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को जिताने की पुरजोर कोशिश की थी। इस घटना ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में रिटर्निंग अधिकारी अनिल मसीह द्वारा सरेआम पार्षदों की वोट चोरी की याद ताज़ा कर दी। बीजेपी सरकार ने तो भ्रष्टाचार में लिप्त इस भ्रष्ट अधिकारी पर कार्रवाई का डर दिखाकर अपने राजनीतिक हितों को साधने का काम किया।
बीजेपी सरकार ने तो इस भ्रष्ट अधिकारी का लाभ उठाकर इसे सिंचाई, जल संसाधन, खनन एवं भूविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विभाग देकर पुरस्कृत कर दिया था। लेकिन IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला इतना बड़ा था, जिसको नजरंदाज करना सीबीआई के लिए संभव नहीं था। सीबीआई कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारी और बीजेपी की मिलीभगत के इस घिनौने खेल का पर्दाफ़ाश हो गया। पूरे देश ने देखा कि कांग्रेस पार्टी के वोट गलत ढंग से रिजेक्ट किए गए थे। सत्ता में बैठी बीजेपी ने एक राज्य सभा सीट के लिए लोकतंत्र का गला घोंटा। हरियाणा का जनमानस चाहता है कि सीबीआई इस बात की भी जांच करे कि राज्य सभा चुनाव में इस भ्रष्ट अधिकारी ने कांग्रेस के वैलिड वोट रद्द करने के एवज में बीजेपी समर्थित धनकुबेर उम्मीदवार से कितनी रिश्वत ली।
उन्होंने कहा कि आईएएस पंकज अग्रवाल को सीबीआई ने IDFC फर्स्ट बैंक के करीब ₹600 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार किया है। IAS पंकज अग्रवाल की CBI गिरफ्तारी ने बड़े भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ दी हैं। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार ने तो इस भ्रष्ट अधिकारी का लाभ उठाकर सिंचाई, जल संसाधन, खनन एवं भूविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विभागों में प्रधान सचिव बनाकर पुरस्कृत करने का काम किया था। लेकिन सीबीआई ने इस घिनौने खेल का पर्दाफ़ाश कर दिया। जांच के दौरान सीबीआई को पंकज अग्रवाल के खिलाफ अहम सबूत मिले हैं।
IDFC फर्स्ट बैंक के ₹600 करोड़ हेराफेरी मामले में ₹60.54 करोड़ के फंड गबन में पंकज अग्रवाल की बड़ी भूमिका सामने आई है। जिस समय घोटाला हुआ, उस समय पंकज अग्रवाल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव थे। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के खाते चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक में नियमों के खिलाफ खोले गए थे। बाद में इन खातों में तय सीमा से ज्यादा सरकारी पैसा ट्रांसफर किया गया। इन खातों के जरिए फर्जी लेनदेन कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकार को 60.54 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।








