सोमवती अमावस्या के बाद नहीं हुई समुचित सफाई, दुर्गंध और गंदगी से श्रद्धालु परेशान; मंत्री ने दिए निरीक्षण और कार्रवाई के निर्देश
कुरुक्षेत्र, 23 जून (प्रमोद कौशिक)। थानेसर के विधायक अशोक अरोड़ा ने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में ऐतिहासिक ब्रह्मसरोवर की बदहाल सफाई व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एशिया के सबसे बड़े और पवित्र सरोवरों में शुमार ब्रह्मसरोवर में फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि ब्रह्मसरोवर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। सरोवर के आसपास चारों ओर बदबू फैली हुई है और वहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
उन्होंने बताया कि 15 जून को सोमवती अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र सरोवर में स्नान करने पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद से लगभग दस दिन बीत जाने के बावजूद सरोवर की समुचित सफाई नहीं करवाई गई। सरोवर के पानी से दुर्गंध आ रही है और श्रद्धालुओं को मुंह पर कपड़ा बांधकर वहां से गुजरना पड़ रहा है।
विधायक ने कहा कि ब्रह्मसरोवर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल पर सफाई व्यवस्था का यह हाल चिंताजनक है और इससे प्रदेश की छवि भी प्रभावित हो रही है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण पंवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त को ब्रह्मसरोवर की सफाई व्यवस्था का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अशोक अरोड़ा ने अंसल सुशांत सिटी के निवासियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि कॉलोनाइजर द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस पर मंत्री कृष्ण पंवार ने संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
अरोड़ा ने कहा कि जब यह क्षेत्र नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में आता है तो वहां रहने वाले लोगों को सफाई, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी नगर परिषद की जिम्मेदारी है। उन्होंने नगर परिषद से क्षेत्र की सफाई व्यवस्था संभालने तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की।








