श्री सोमनाथ मंदिर, त्रिवेणी संगम और भालका तीर्थ के दर्शन कर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से मिली नि:शुल्क तीर्थ यात्रा की सौगात

थानेसर, 11 जून (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी)। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित विशेष तीर्थ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने अरब सागर के पावन तट पर आस्था, संस्कृति और अध्यात्म के अद्भुत संगम का अनुभव किया। 75 से 80 वर्ष आयु वर्ग के अनेक बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने पहली बार इतनी लंबी नि:शुल्क तीर्थ यात्रा कर देश की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को निकट से देखा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु श्री सोमनाथ मंदिर सहित आसपास स्थित अनेक पवित्र तीर्थस्थलों के दर्शन कर भाव-विभोर हो उठे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से श्रद्धालुओं को सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई। दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत विशेष ट्रेन वेरावल से कुरुक्षेत्र धर्मनगरी के लिए रवाना हो चुकी है। गुजरात सरकार की ओर से यात्रियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन और अन्य सुविधाओं के उत्कृष्ट प्रबंध किए गए, जिनकी श्रद्धालुओं ने खुलकर सराहना की।
त्रिवेणी संगम और प्रमुख तीर्थस्थलों का किया दर्शन
श्री सोमनाथ मंदिर के दर्शन के अलावा श्रद्धालुओं ने गीता मंदिर, सूरजकुंड, अहिल्याबाई मंदिर, श्रीराम मंदिर और गोलोकधाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। यात्रियों ने हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों के पावन त्रिवेणी संगम का भी अवलोकन किया। श्रद्धालुओं के अनुसार तीनों नदियों का अरब सागर में मिलन स्थल अत्यंत मनोहारी और आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करने वाला है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भालका तीर्थ के भी दर्शन किए, जहां पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के चरण में शिकारी जरा का बाण लगा था। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल ने श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति और पुरातन गौरव से जोड़ने का कार्य किया।
चिकित्सकों ने रखी श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की पूरी देखभाल
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए हरियाणा सरकार की ओर से विशेष चिकित्सा दल तैनात किया गया। टीम का नेतृत्व कर रहे चिकित्सक डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. वनिता शर्मा तथा स्वास्थ्यकर्मी नेहा ने लगभग 75 श्रद्धालुओं को आवश्यक नि:शुल्क दवाइयां वितरित कीं। चिकित्सा दल ने पूरे प्रवास के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।
गुजराती और हरियाणवी व्यंजनों का मिला स्वाद
यात्रा के दौरान भोजन व्यवस्था का दायित्व संभाल रही स्टे वैल कंपनी के प्रतिनिधि जयदीप ने बताया कि श्रद्धालुओं को गुजराती व्यंजनों के साथ-साथ हरियाणवी भोजन भी परोसा गया। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे, जिससे सभी श्रद्धालु संतुष्ट और प्रसन्न नजर आए।
श्रद्धालुओं ने यात्रा के सफल संचालन, बेहतर व्यवस्थाओं और नि:शुल्क तीर्थ दर्शन की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा दोनों राज्यों की सरकारों का आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार यह यात्रा जीवन भर याद रहने वाला आध्यात्मिक अनुभव बन गई है।








