नागरिकों की सहायता के लिए सभी जिलों में टोल-फ्री नंबर 1950 और हेल्प डेस्क किए चालू
चंडीगढ़, 11 जून- भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ को पूरी तरह सफल, प्रभावी, पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने बताया कि इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए राज्य के सभी जिलों में निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (ईआरओ), अतिरिक्त निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (एईआरओ) और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए 5 जून से 12 जून 2026 तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ को मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी और निर्देश दिए जा रहे हैं, जैसे कि मृत या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं का सही सत्यापन करना, निर्वाचन आयोग की डिजिटल तकनीकों और ऐप्स के कुशल उपयोग पर प्रशिक्षण, शत-प्रतिशत पंजीकरण कर प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय सारणी (टाईम-लाइन) के भीतर सभी कार्य गंभीरता और जिम्मेदारी से पूरा करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि बीएलओ जनता और निर्वाचन आयोग के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्हें मतदाताओं के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और हर पात्र नागरिक को इस प्रक्रिया से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों के लिए भी ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्कशॉप का उद्देश्य उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण की बारीकियों, इसके उद्देश्य और प्रक्रिया में उनकी भूमिका व जिम्मेदारियों से अवगत कराना है, ताकि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपना सक्रिय सहयोग दे सकें।
श्री ए. श्रीनिवास ने जानकारी दी कि मतदाताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य के सभी जिलों में टोल-फ्री नंबर 1950 चालू कर दिया गया है। इसके अलावा, सभी निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों के कार्यालयों में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में अपने नाम की जांच कर सकते हैं, नए पंजीकरण (नाम जुड़वाने) के लिए आवेदन कर सकते हैं, पुराने रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन या सुधार करवा सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हेल्प डेस्क पर आने वाले नागरिकों को सभी आवश्यक प्रपत्र (फॉर्म) तुरंत उपलब्ध कराए जाएं और उनकी निर्वाचन संबंधी हर समस्या का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।









