प्रशासन की सुस्ती जनता पर भारी, आईडीसी की निर्माणाधीन सड़कें बनीं हादसों का सबब

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गुरुग्राम। औद्योगिक क्षेत्र आईडीसी में चल रहे सड़क निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार उद्यमियों और आम नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। जगह-जगह टूटी और अधूरी सड़कें लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं, जबकि मानसून नजदीक आने से क्षेत्र के उद्योगपतियों और कारोबारियों की चिंता और बढ़ गई है।

आईडीसी के प्रधान धर्मसागर, उद्यमी सुनील दत्ता, विजय टंडन, देवेंद्र जैन, प्रवीण वर्मा और तरुण खन्ना ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क, ड्रेनेज और सीवेज परियोजना का कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं किया जा सका है। इसके चलते क्षेत्र में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इंडस्ट्रियल एसोसिएशन लगातार इस मुद्दे को निगम और जीएमडीए प्रशासन के समक्ष उठाती रही है, लेकिन निर्माण कार्य की गति में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। उद्यमियों ने मांग की है कि बारिश शुरू होने से पहले सड़क निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए, ताकि जलभराव और यातायात अवरोध जैसी समस्याओं से राहत मिल सके।

गैस सिलेंडरों से भरी गाड़ी पलटी

उद्यमियों के अनुसार सोमवार दोपहर क्षेत्र में गैस सिलेंडरों से भरी एक गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। उनका कहना है कि सीवेज लाइन के लिए खोदे गए खुले गड्ढे और अधूरी सड़कें दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बन रही हैं। दिनदहाड़े हो रही ऐसी घटनाएं प्रशासनिक दावों की वास्तविकता उजागर कर रही हैं।

सितंबर में शुरू हुआ था निर्माण कार्य

आईडीसी प्रतिनिधियों ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद पिछले वर्ष सितंबर में सड़क, ड्रेनेज और सीवेज लाइन निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इससे क्षेत्रवासियों और उद्योगों को जलभराव तथा ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। प्रशासन की ओर से मई-जून 2026 तक कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति में आधा काम भी पूरा नहीं हो पाया है।

200 औद्योगिक इकाइयों पर संकट

आईडीसी प्रधान धर्मसागर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मानसून से पहले सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो क्षेत्र की लगभग 200 औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों का संचालन प्रभावित हो सकता है। बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनने पर कई इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है, जिससे उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ ड्रेनेज, सीवेज और पेयजल से संबंधित कार्य भी समय रहते पूरे होने चाहिए थे। प्रशासन को कम से कम सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाकर क्षेत्र के उद्योगों और नागरिकों को राहत पहुंचानी चाहिए।

जल्द कार्रवाई की मांग

इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने निगम और जीएमडीए के अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। उद्यमियों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

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Author: Bharat Sarathi

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