जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
सड़कों की मरम्मत और शिकायत समाधान कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
सीएक्यूएम निर्देशों के अनुपालन में तेजी लाने के निर्देश, प्रदूषण नियंत्रण के लिए संसाधन बढ़ाने पर जोर
वाटिका चौक-एनएच 48 मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन का कार्य अंतिम चरण में
पीएनजी नेटवर्क विस्तार में आई तेजी, एक माह में 34 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाकर दिए गए 2,966 नए कनेक्शन
गुरुग्राम, 10 जून। हरियाणा सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार श्री डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में बुधवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला स्तरीय समन्वय समिति की दसवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान गुरुग्राम जिले में प्रगति पर चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों से अभी तक की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में ‘महारी सड़क’ कार्यक्रम के तहत सड़कों की मरम्मत कार्यों, बंधवाड़ी लैंडफिल साइट से पुराने कचरे के निष्पादन, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन, सेक्टर-72 स्थित बूस्टर स्टेशन को चालू करने तथा वाटिका चौक से एनएच-48 तक मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही एमसीजी और एचएसवीपी के प्रबंधनाधीन सामुदायिक केंद्रों के बेहतर उपयोग, फ्लड कंट्रोल रूम की तैयारियों तथा जिले में संचालित रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांटों के नियमन से संबंधित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त बैठक में घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन जारी करने की प्रगति तथा नए एचएसवीपी सेक्टरों के विकास के लिए भूमि बैंक तैयार करने संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। श्री डी.एस. ढेसी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा लंबित मामलों के शीघ्र समाधान को सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
सड़कों की मरम्मत और शिकायत समाधान कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
श्री डी.एस. ढेसी ने म्हारी सड़क पोर्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वयं समय-समय पर म्हारी सड़क पोर्टल की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आगामी जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में भी इस पोर्टल से संबंधित कम से कम एक शिकायत को एजेंडे में शामिल किया जाएगा, ताकि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने बताया कि प्राधिकरण को म्हारी सड़क ऐप के माध्यम से कुल 1,629 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 856 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 726 शिकायतों पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के माध्यम से एक विशेष पहल के तहत बस चालकों और परिचालकों को सड़क संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए थे। इस अभियान के तहत 120 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहां सड़क मरम्मत कार्य की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इन सभी स्थानों पर 20 जून से पहले मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
इसी प्रकार नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों ने बताया कि निगम को ऐप के माध्यम से कुल 2,849 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से लगभग 2328 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। नगर निगम मानेसर को 197 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 154 का निस्तारण किया जा चुका है तथा शेष 43 शिकायतों पर कार्य प्रगति पर है। वहीं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को प्राप्त 34 शिकायतों का शत-प्रतिशत समाधान कर दिया गया है।
सीएक्यूएम निर्देशों के अनुपालन में तेजी लाने के निर्देश, प्रदूषण नियंत्रण के लिए संसाधन बढ़ाने पर जोर
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए श्री डी.एस. ढेसी ने कहा कि सभी संबंधित विभाग एवं निकाय प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक संसाधनों और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के कार्यों में तेजी लाएं तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सतत निगरानी आवश्यक है।
बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने बताया कि क्षेत्र की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही शहर में हरित पट्टियों (ग्रीन बेल्ट) के विकास एवं रखरखाव का कार्य भी तीव्र गति से किया जा रहा है। वहीं हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जानकारी दी कि वायु गुणवत्ता की बेहतर निगरानी के लिए जिले में पांच नए मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदूषण के स्तर की अधिक प्रभावी निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
वाटिका चौक-एनएच 48 मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन का कार्य अंतिम चरण में
वाटिका चौक से एनएच-48 तक प्रस्तावित मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का केवल अंतिम 90 मीटर हिस्सा शेष है, जिसे 22 जून से पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह ड्रेन मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में बताया गया कि वाटिका चौक से बादशाहपुर ड्रेन की लेग-3 की जल वहन क्षमता लगभग 1100 क्यूसेक है, जबकि नई मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की क्षमता लगभग 1400 क्यूसेक है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति या अत्यधिक वर्षा के दौरान लेग-3 के अतिरिक्त पानी को नई ड्रेन में डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे जल निकासी व्यवस्था अधिक प्रभावी और सुचारू बनी रहेगी।
पीएनजी नेटवर्क विस्तार में आई तेजी, एक माह में 34 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाकर दिए गए 2,966 नए कनेक्शन
बैठक में पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) ने बताया कि पिछले एक माह में आईजीएल तथा एचसीजी द्वारा 34 किलोमीटर नई गैस पाइपलाइन का विस्तार किया गया है तथा 2,966 नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। इस पर श्री डी.एस. ढेसी ने निर्देश दिए कि जिन आवासीय सोसायटियों तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां की आरडब्ल्यूए के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि स्वच्छ एवं सुविधाजनक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीईओ पी.सी. मीणा, डीसी उत्तम सिंह, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, नगर निगम मानेसर के आयुक्त प्रदीप सिंह, डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









