49,948 स्ट्रीट वेंडर्स को मिला ऋण स्वीकृति का लाभ, हजारों विक्रेता डिजिटल लेनदेन और औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जुड़े
गुरुग्राम, 10 जून। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत नगर निगम गुरुग्राम द्वारा रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप गुरुग्राम में अब तक 49,948 ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों स्ट्रीट वेंडर्स को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायता मिली है।
पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को बिना किसी जमानत के आसान ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर आत्मनिर्भर बन सकें।
तीन चरणों में मिला ऋण का लाभ
योजना के तहत गुरुग्राम में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स को विभिन्न चरणों में ऋण उपलब्ध कराया गया है। प्रथम चरण में 15097 लाभार्थियों को 15,000 रुपए तक का ऋण मिला है, जबकि द्वितीय चरण में 4103 लाभार्थियों को 25,000 रुपए तक का ऋण तथा तृतीय चरण में 699 लाभार्थियों ने 50,000 रुपए तक का ऋण प्राप्त किया है। इन ऋणों के माध्यम से लाभार्थियों ने अपने व्यवसाय को मजबूत किया है और आय में वृद्धि सुनिश्चित की है।
वेंडर प्रोफाइलिंग और डिजिटल समावेशन को मिला बढ़ावा
नगर निगम गुरुग्राम द्वारा स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान एवं औपचारिक व्यवस्था में शामिल करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रोफाइलिंग अभियान चलाया गया। इसके तहत अब तक 8,697 वेंडर्स की प्रोफाइलिंग की जा चुकी है।
इसके साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 18,967 स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल रूप से सक्रिय बनाया गया है। डिजिटल लेनदेन अपनाने से न केवल उनकी आय का रिकॉर्ड बेहतर हुआ है बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी सुविधा मिली है।
वित्तीय समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि
पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 190 लाभार्थियों ने क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन भी किया है, जिससे उन्हें भविष्य में अतिरिक्त वित्तीय सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
आत्मनिर्भर भारत के सपने को मिल रही मजबूती
पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना तथा उन्हें औपचारिक आर्थिक तंत्र से जोड़ना है। योजना के माध्यम से हजारों परिवारों की आजीविका को मजबूती मिली है और छोटे व्यापारियों को अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त हुआ है।
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना स्ट्रीट वेंडर्स के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र रेहड़ी-पटरी विक्रेता तक योजना का लाभ पहुंचे और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान, वित्तीय समावेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देकर यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।









