गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनकल्याण और विश्व शांति का संदेश देने वाला आध्यात्मिक अभियान : महामंडलेश्वर स्वामी विद्यागिरि महाराज

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

विश्व शांति एवं जनकल्याण की भावना से विद्वान ब्राह्मणों द्वारा हो रहा गायत्री महायज्ञ का आयोजन

पिहोवा, 27 मई (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी)। श्री दक्षिणा काली पीठ मॉडल टाउन में महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विद्यागिरि महाराज एवं श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज के सानिध्य में आयोजित सप्त दिवसीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन संत-महात्माओं, यजमानों एवं श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में आहुतियां अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

पीठ के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी ने जानकारी देते हुए बताया कि महायज्ञ में प्रख्यात आचार्य डॉ. अभिषेक कुश सहित अनेक विद्वान ब्राह्मण वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधानपूर्वक यज्ञ संपन्न करा रहे हैं। इस धार्मिक आयोजन में दूर-दराज से पहुंचे संत-महात्माओं, यजमानों एवं श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या भाग ले रही है। 25 मई से पूजन के साथ प्रारंभ हुआ यह गायत्री महायज्ञ 31 मई तक चलेगा।

महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विद्यागिरि महाराज एवं श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज ने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा स्थापित यज्ञ परंपरा आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनकल्याण एवं विश्व शांति का संदेश देने वाला आध्यात्मिक अभियान है। यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है तथा लोगों के मन में सेवा, त्याग और मानवता की भावना जागृत होती है।

उन्होंने कहा कि माता गायत्री को वेदों की जननी कहा गया है और उनकी आराधना से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि एवं आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। वर्तमान समय में समाज में बढ़ती अशांति एवं नैतिक पतन को रोकने के लिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।

महायज्ञ का समापन 31 मई, पूर्णिमा एवं सोमवार के दिन पूर्णाहुति तथा विशाल भंडारे के साथ होगा।

इस अवसर पर मां पीतांबरा पीठ बगलामुखी धाम के महंत भीमपुरी, स्वामी महेश पुरी, महंत लक्ष्मी नारायण पुरी, स्वामी धीरज पुरी, स्वामी लखन पुरी, स्वामी निर्भय गिरि, महंत जगन्नाथ पुरी, महंत सर्वेश्वरी गिरि, महंत सत्यानंद पुरी, स्वामी विजय पुरी, स्वामी माधव पुरी, स्वामी आशुतोष पुरी, विपिन काहड़ा, बलराम शर्मा, राजेश गोयल, सरपंच विकल कुमार चौबे, देव पूर्णिमा, बारु राम बंसल, सुशील गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!