सीबीएसई परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही भाजपा सरकार : कुमारी सैलजा

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4 लाख से अधिक छात्रों ने मांगी स्कैन कॉपियां, परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की उठाई मांग

चंडीगढ़, 27 मई। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने सीबीएसई परीक्षा व्यवस्था में सामने आए गंभीर मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य आज पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है। पहले पेपर लीक, फिर भर्ती घोटाले और अब उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार 4 लाख से अधिक छात्रों ने 11 लाख से ज्यादा स्कैन कॉपियां मांगी हैं। छात्रों ने आरोप लगाए हैं कि धुंधली कॉपियां जांची गईं, कई पन्ने गायब मिले और कुछ मामलों में दूसरी कॉपियां तक अपलोड हो गईं। इससे साफ जाहिर होता है कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर लापरवाही हो रही है और छात्र अपने ही भविष्य को लेकर असमंजस में हैं।

उन्होंने कहा कि आज देश का युवा लगातार मानसिक दबाव में जी रहा है। एक तरफ बेरोजगारी चरम पर है, दूसरी तरफ सरकार की नीतियों और अव्यवस्थाओं के कारण युवाओं को हर कदम पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पढ़ाई करने वाला छात्र नौकरी के लिए धक्के खा रहा है, लेकिन सरकार केवल बड़े-बड़े भाषण देने में लगी हुई है। युवाओं को जितनी परेशानियों का सामना आज करना पड़ रहा है, वैसा माहौल पहले कभी नहीं देखा गया।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है। जब छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका और परीक्षा परिणाम पर ही भरोसा न कर पाए, तो यह शिक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़ा सवाल है। भाजपा सरकार शिक्षा और रोजगार जैसे गंभीर मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि सीबीएसई परीक्षा प्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए, छात्रों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए तथा युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोका जाए। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ाने और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि देश के युवाओं का विश्वास दोबारा कायम हो सके।

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Author: Bharat Sarathi

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