न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा ने निरीक्षण उपरांत न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
प्रभावित रिकॉर्ड के शीघ्र पुनर्निर्माण के दिए निर्देश, जरूरी मामलों की सुनवाई जारी
21 अदालतों का कार्य प्रभावित, वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में संचालित होंगी सभी अदालतें, प्रशासन ने उपलब्ध कराई सभी आवश्यक सुविधाएं
तकनीकी रिपोर्ट के बाद होगा नुकसान का अंतिम आकलन

गुरुग्राम, 25 मई। गुरुग्राम के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम में आग लगने की घटना के उपरांत पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के इंस्पेक्टिंग जज न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा ने रविवार देर शाम न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा सहित अन्य न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।
निरीक्षण के समय तक आग पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हो पाई थी, बावजूद इसके सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों एवं प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए न्यायमूर्ति मिश्रा ने प्रभावित भवन का जायजा लिया तथा स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति मिश्रा ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों का रिकॉर्ड आग में प्रभावित हुआ है, उनकी फाइलों का शीघ्र पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्शन) सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय इस प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा ताकि न्यायिक कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ मामलों के निर्णयों में रिकॉर्ड प्रभावित होने के कारण समय लग सकता है, लेकिन सभी मामलों का रिकॉर्ड चरणबद्ध तरीके से पुनः तैयार किया जाएगा।
इससे पहले न्यायमूर्ति मिश्रा ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
बैठक में डीसी उत्तम सिंह, पुलिस आयुक्त शिवास कविराज, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा, अतिरिक्त जिला ईवा सत्र न्यायधीश यशविंद्र पॉल सिंह, सीजेएम रजत वर्मा, बार एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत शर्मा, महासचिव राहुल धनखड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आग से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया गया तथा प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा ने बताया कि प्रभावित भवन का तापमान अभी भी अधिक होने के कारण नुकसान का अंतिम आकलन नहीं किया जा सका है। भवन के कुछ हिस्सों की संरचनात्मक स्थिति का परीक्षण किया जाना शेष है और फिलहाल भवन के अंदर प्रवेश सुरक्षित नहीं माना जा रहा। एनडीआरएफ/एसडीआरएफ एवं तकनीकी एजेंसियों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही विस्तृत निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाएगा।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में संचालित होंगी 21 अदालतें, प्रशासन ने उपलब्ध कराई सभी आवश्यक सुविधाएं
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि घटना के चलते पुरानी न्यायालय भवन में संचालित लगभग 21 अदालतों का कार्य प्रभावित हुआ है। इसके मद्देनजर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में सभी अदालतों के संचालन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की ओर से भी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि न्यायिक अधिकारियों को अदालत संचालन हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत न्यायिक कार्य सुचारू रूप से संचालित करवाने में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। विशेष रूप से जरूरी एवं अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई सुनिश्चित की गई है ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार निचली अदालतों के पुराने रिकॉर्ड रूम में रखा अधिकांश रिकॉर्ड आग से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। हालांकि कुछ अदालतों के लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति का आकलन अभी शेष है, क्योंकि सुरक्षा कारणों से भवन के भीतर प्रवेश नहीं किया जा सका है। तकनीकी टीमों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही पूर्ण स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिकॉर्ड पुनर्निर्माण में पूरा सहयोग करेगी गुरुग्राम बार एसोसिएशन
जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम में आग लगने की घटना के बाद गुरुग्राम बार एसोसिएशन भी न्यायिक व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के प्रयासों में सक्रिय रूप से आगे आई है। गुरुग्राम बार एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत शर्मा तथा महासचिव राहुल धनखड़ ने कहा कि आग से प्रभावित रिकॉर्ड एवं फाइलों के पुनर्निर्माण (रिकॉन्सट्रक्शन) की प्रक्रिया में बार एसोसिएशन न्यायपालिका एवं प्रशासन को पूरा सहयोग प्रदान करेगी।
बार पदाधिकारियों ने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति अवश्य है, लेकिन न्यायिक प्रणाली पूरी गंभीरता एवं समन्वय के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का रिकॉर्ड प्रभावित हुआ है, उन्हें नियमानुसार पुनः तैयार किया जाएगा और अधिवक्ताओं की ओर से भी इसमें आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी प्रकार का पैनिक लेने की आवश्यकता नहीं है। न्यायिक कार्यों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से सुचारू रूप से जारी रखा जा रहा है तथा जरूरी मामलों की सुनवाई भी निरंतर हो रही है।
बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायपालिका, प्रशासन एवं अधिवक्ताओं के आपसी समन्वय से स्थिति को जल्द सामान्य किया जाएगा और प्रभावित पक्षों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।








