हरियाणा में निजी अस्पतालों की तुलना में सरकारी अस्पतालों में बहुत कम खर्च पर इलाज उपलब्ध

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ओओपीई (आउट-ऑफ-पॉकेट एक्सपेंडिचर) सरकारी प्रणाली की कमी से नहीं, बल्कि अन्य सामाजिक और स्वास्थ्य कारणों से बढ़ा

हरियाणा में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय:स्वास्थ्य विभाग

चंडीगढ़, 25 मई- हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में इलाज निजी अस्पतालों की तुलना में बहुत सस्ता है। सरकारी अस्पतालों में भर्ती और इलाज का खर्च काफी कम होता है, जिससे यह साफ होता है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के लिए सस्ती और आसान हैं।

हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने कुछ मीडिया रिपोर्टों में राज्य में इलाज पर होने वाले आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च (ओओपीई) को लेकर दिए गए निष्कर्षों को गलत बताया है। विभाग ने कहा है कि ये निष्कर्ष राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) के सही तरीके से डेटा को समझे बिना निकाले गए हैं और इनमें कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल नहीं किया गया है।

विभाग के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि मीडिया रिपोर्टों में हरियाणा में इलाज के खर्च को गलत तरीके से दिखाया गया है। इन रिपोर्टों में उन बड़े कारणों को शामिल नहीं किया गया है जो इलाज के खर्च को प्रभावित करते हैं। इसलिए ये निष्कर्ष सही नहीं हैं और इनसे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की असली स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में इलाज का खर्च बढ़ने का मुख्य कारण अस्पतालों की कमी या व्यवस्था की कमजोरी नहीं है, बल्कि कुछ अन्य कारण हैं, जैसे कि डायबिटीज और दिल की बीमारियों जैसे लंबे समय तक चलने वाले रोग बढ़ना, जांच और दवाओं के लिए निजी लैब और मेडिकल स्टोर पर ज्यादा निर्भरता और मरीजों का बीमारी को देर से चिकित्सक को दिखाना। इन कारणों से इलाज महंगा हो जाता है।

विभाग ने कहा कि हरियाणा एक ऐसा राज्य है जहां स्वास्थ्य सेवाएं धीरे-धीरे बेहतर हो रही हैं और ज्यादा लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। राज्य में लगभग 96 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग बढ़ा है और हरियाणा में 66.8 प्रतिशत ग्रामीण सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश में औसतन 61 प्रतिशत से अधिक लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं, जो लोगों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों में अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य केंद्रों और जांच सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। सड़क, एम्बुलेंस और डिजिटल सेवाओं में भी काफी सुधार हुआ है जिसके चलते ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के मरीजों की सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंच बढ़ी है और उन्हें समय पर इलाज मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार इलाज का खर्च कम करने के लिए कई कदम उठा रही है, जैसे मुफ्त दवाइयां और जांच की सुविधा, अस्पतालों में बेहतर लैब सेवाएं, बीमारियों की जल्दी जांच और इलाज, स्वास्थ्य बीमा में सुधार, निजी जांच और दवाओं के खर्च पर नियंत्रण आदि। इसके साथ ही जिला अस्पतालों को मजबूत किया जा रहा है, अच्छे डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और लोगों को समय पर इलाज लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हरियाणा प्रदेश धीरे-धीरे एक ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है जो सस्ती, मजबूत और सभी के लिए आसान है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!