पद्मश्री डॉ. सुनील डबास ने अपने अनुभवों पर आधारित रिहैब रोडमैप को पुस्तक में किया साझा

नई दिल्ली, 25 मई- पद्मश्री एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता डॉ. सुनील डबास द्वारा लिखित तथा डॉ. राकेश कुमार के सह-लेखन में तैयार पुस्तक “स्पोर्ट्स इंजरीज़ – एथलेटिक केयर एंड रिहैबिलिटेशन” का लोकार्पण इंडियन स्पाइनल इंजरीज़ सेंटर में आयोजित समारोह के दौरान किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. चित्रा कटारिया, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव भल्ला, यामिनी कुमार जयपुरिया, डॉ. नीरज मेहरा, कर्नल राजपाल, डॉ. गुरदीप सिंह, प्रो. यव्स ले लोस्तेक, डॉ. वोल्फगैंग बुसमैन तथा मुदित कुमार सहित भारत और विदेश से आए कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

पुस्तक में खेल चोटों से उबरने के दौरान अपनाए जाने वाले प्रिकॉशनरी स्टेप्स, तत्काल देखभाल, स्ट्रेंथ वर्क और रिहैब प्रक्रिया को विस्तार से शामिल किया गया है। यह पुस्तक एथलीट्स, कोचेज़ और चोट के बाद दोबारा खेल में वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।
पद्मश्री डॉ. सुनील डबास ने बताया कि एशियन गेम्स की कोचिंग के दौरान गांधीनगर, गुजरात में उन्हें ग्रेड-2 लिगामेंट इंजरी हुई थी। उस समय सर्जरी की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने सख्त रिहैब प्रोटोकॉल और स्टेरॉयड सपोर्ट के साथ रिकवरी का रास्ता चुना। लगातार अनुशासन और मेहनत के बाद वे पूरी तरह फिट और सक्रिय जीवन में लौटे। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उसी वास्तविक अनुभव पर आधारित रिहैब रोडमैप है, जिसे उन्होंने स्वयं अपनाकर परखा है।








