भारत बिजली के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बल्कि दूसरे देशों को भी बिजली देने में सक्षम:  केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल

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आने वाले समय में 300 गीगावाट क्षमता के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय तैयार, देश में बिजली की कोई कमी नही रहने दी जाएगी : मनोहर लाल

नौवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने के लिए दूसरे गांवों के स्कूलों में जाने वाली गरीब परिवारों की 500 लड़कियों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी साइकिल : मनोहर लाल

चंडीगढ़, 24 मई – केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि देश में बिजली की कोई कमी नहीं है। अब भारत बिजली के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर हो रहा है बल्कि दुसरे देशों को भी बिजली देने में सक्षम है। जबकि पहले विपक्ष की सरकार के समय देश में बिजली का संकट बना रहता था और हरियाणा भी उससे अछूता नही था। विशेष तौर पर गर्मी के दिनों में तो बिजली के कटों से लोग इतने परेशान होते थे कि वे सडक़ों पर जाम लगाने के लिए मजबूर हो जाते थे। जबकि वर्तमान में आज प्रदेश के लगभग सभी गांवों में म्हारा गांव-जगमग गांव के तहत 24 घंटे बिजली मिल रही है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल रविवार को करनाल में अपने धन्यवादी दौरे के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने असंध विधानसभा क्षेत्र के गांवों बालू, मंजूरा, औगंद, कतलाहेडी, जुंडला और पिचौलिया में पहुंचकर लोकसभा के चुनावों में विजयी बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद किया और उनकी समस्याओं का समाधान किया।

उन्होंने उक्त गांवों में लाइब्रेरी व शमशान घाट का रास्ता पक्का, चारदीवारी, शैड व पीने के पानी की व्यवस्था करवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिन गांव की गरीब परिवार की लड़कियां पढ़ने के लिए स्कूलों में पैदल जाती है। ऐसी बच्चियों को स्कूल के मुख्याध्यापक व प्रीसिंपल से मिलकर नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली 500 लड़कियों की सूची तैयार करें ताकि उन्हें निशुल्क साइकिल उपलब्ध करवाई जा सके।

उन्होंने सामाजिक ताने-बाने को लेकर लोगों का आह्वान किया कि वे जाति भेदभाव से ऊपर उठकर एकता, समरस्ता, आपसी प्रेम प्यार और भाईचारे को मजबूत करें और रूढ़िवादी सोच में बदलाव लाए। उन्होंने कहा कि जाति-भेदभाव के खिलाफ ‘कोई नहीं बोलेगा, मनोहर लाल बोलेगा’। उन्होंने कहा कि वे किसी भी जाति के व्यक्ति का अंतिम संस्कार अलग-अलग स्थानों की बजाए गांव में एक ही सामान्य श्मशान घाट में ही करे। क्योंकि मरने के बाद तो हर इंसान की आत्मा परमपिता परमात्मा के श्री चरणों में लीन हो जाती है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर बने शमशान घाटों की जगह गांव में आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिवधाम बनाए जाए, उसके लिए सरकार की ओर से फंड उपलब्ध करवाया जाएगा और गांव के लोग भी सहयोग करे।

उन्होंने देश में बिजली की वर्तमान स्थिति के बारे में कहा कि 21 मई को देश में सर्वाधिक बिजली आपूर्ति की गई। मांग के अनुसार 270.80 गीगा वाट बिजली की निर्बाध आपूर्ति की गई। आज के दिन देश में 283 गीगावाट की उपलब्धता है, आने वाले समय में 300 गीगावाट क्षमता के लिए तैयार रहने के निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि आज से दस साल पहले 250 गीगावाट की डिमांड पूरी करने की क्षमता भी देश की नहीं थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश में 34 प्रतिशत लाइन लॉस थे। बिजली कंपनियों के इस घाटे को कम करके 11 प्रतिशत किया गया। उन्होंने आह्वान किया कि आज समय बदल रहा है ऊर्जा के स्त्रोत भी बदल रहे हैं। आज खाना बनाने के बर्तन से लेकर चलने के लिए वाहन भी ईवी के उपलब्ध हैं। सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के तहत सभी घरों में तीन किलो वाट के सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। खेतों में भी सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाएं और जरूरत से ज़्यादा बिजली का उत्पादन कर उसे सरकार को बेच कर अपनी आमदन को भी बढ़ाए।

उन्होंने कहा कि आज पढ़ाई का जमाना है। युवा पीढ़ी के लिए शिक्षा जरूरी है। इसके लिए स्कूली शिक्षा के साथ-साथ गांव में ही कोचिंग सेंटर जैसी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जिला की सभी 395 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी खुलवाएंगे ताकि युवाओं को नौकरी की तैयारी करने के लिए गांव स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को उनके गांव में ही कोचिंग सेंटर जैसी सुविधाएं मिलें इसके लिए जिला की सभी ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी खोलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर के कार्य ग्राम-पंचायत, प्रदेश के कार्य विधायक व केंद्र सरकार के कार्य सांसद के माध्यम से करवाए जाते है। इसलिए केंद्र सरकार के कार्य करवाने के लिए मैं आपका सेवक बनकर कार्य करवाऊँगा और इसी प्रकार से प्रदेश के कार्य विधायक और ग्राम-पंचायत के कार्य सरपंच करवाने के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। ग्राम-पंचायत पूरी ईमानदारी के साथ पैसे का सही उपयोग करे और जरूरत के अनुसार गांव के विकास कार्य को पूरा करवाए।

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Author: Bharat Sarathi

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