दमकल विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू, पूरे न्यायालय परिसर में मचा हड़कंप

गुडग़ांव, 24 मई (अशोक)। साइबर सिटी गुरुग्राम के जिला न्यायालय परिसर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अदालत परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और रिकॉर्ड रूम से उठती ऊंची लपटें तथा काले धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा। घटना के बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के हिस्सों को तत्काल खाली कराया गया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए घंटों तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रिकॉर्ड रूम में बड़ी मात्रा में पुराने कागजात, केस फाइलें और लकड़ी की अलमारियां होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। दमकल विभाग ने लगातार पानी की बौछारें कर आग को नियंत्रित किया और आसपास के हिस्सों तक फैलने से रोका।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रिकॉर्ड रूम में रखी हजारों फाइलें और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए हैं। इनमें वर्षों पुराने न्यायिक रिकॉर्ड, जमीन विवादों से जुड़े दस्तावेज, दीवानी एवं फौजदारी मामलों की फाइलें और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रिकॉर्ड रूम की दीवारें और छत भी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही अदालत के न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने एहतियातन पूरे क्षेत्र को घेर लिया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अदालत परिसर में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले रिकॉर्ड रूम से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। कई वकीलों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते दमकल विभाग नहीं पहुंचता तो आग न्यायालय की अन्य शाखाओं तक भी फैल सकती थी।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। फॉरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
इस घटना ने न्यायालय परिसर में रिकॉर्ड संरक्षण और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ताओं और आम लोगों ने मांग की है कि महत्वपूर्ण न्यायिक रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया को और तेज किया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बचाया जा सके।







