साइबर सिटी गुरुग्राम की चरमराई बिजली व्यवस्था पर चौधरी संतोख सिंह ने जताई चिंता

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भीषण गर्मी में बिजली संकट से त्रस्त हुई जनता, प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठाए सवाल

गुरुग्राम, 24 मई 2026। संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने साइबर सिटी गुरुग्राम की लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में शहर की जनता बिजली संकट से बुरी तरह परेशान है और बार-बार हो रही बिजली कटौती लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है।

चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि देशभर में मिलेनियम सिटी और साइबर सिटी के नाम से पहचाने जाने वाले गुरुग्राम में आज बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बिजली गुल होना, ट्रांसफॉर्मरों में खराबी आना और सब-स्टेशनों में आग लगने जैसी घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही तथा कमजोर बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का स्पष्ट प्रमाण हैं।

उन्होंने सेक्टर-72 स्थित 220 केवी सब-स्टेशन में आग लगने और तकनीकी खराबी का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना के कारण लगभग 70 प्रतिशत गुरुग्राम की बिजली आपूर्ति प्रभावित रही, जिससे लोगों को घंटों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस घटना का असर रैपिड मेट्रो सेवा पर भी पड़ा और मेट्रो संचालन बाधित हो गया। कई यात्रियों को ट्रैक पर पैदल चलकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ा, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि गुरुग्राम की लगातार बढ़ती आबादी और बिजली की मांग के बावजूद नए बिजली घर और पर्याप्त संख्या में सब-स्टेशन स्थापित नहीं किए जा रहे हैं। स्मार्ट ग्रिड परियोजनाएं भी वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले समय में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि बिजली विभाग द्वारा नियमित रखरखाव नहीं किए जाने के कारण लगातार फॉल्ट, वोल्टेज फ्लक्चुएशन और आग लगने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। पुराने और जर्जर बिजली तार, ट्रांसफॉर्मरों की नियमित जांच का अभाव तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम नागरिकों के लिए खतरा बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि बिजली संकट का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ रहा है। हाईराइज सोसाइटियों में बिजली कटते ही लिफ्ट बीच में रुक जाती हैं, जिससे लोगों को घुटन और भय का सामना करना पड़ता है। लगातार वोल्टेज फ्लक्चुएशन के कारण एसी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

चौधरी संतोख सिंह ने सरकार और बिजली विभाग से मांग की कि सभी सब-स्टेशनों की नियमित तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए, पुराने एवं जर्जर तारों तथा उपकरणों को तुरंत बदला जाए और बढ़ती मांग के अनुरूप नए बिजली घर एवं सब-स्टेशन स्थापित किए जाएं, ताकि भविष्य में बड़े बिजली संकट और गंभीर हादसों से बचा जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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