स्थाई समाधान और मुआवजे की मांग को लेकर किसानों-मजदूरों में बढ़ा जोश
हिसार, 15 मई। अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य एवं जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ से हुए भारी नुकसान के स्थाई समाधान तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर 26 मई 2026 को गांव बधावड़ में आयोजित होने वाली महापंचायत के प्रति किसानों और मजदूरों में भारी उत्साह है।
महापंचायत की तैयारियों के तहत रविवार को बधावड़, पंघाल, जेवरा, सरसोद, बिचपड़ी, बर्की खेड़ी, बहबलपुर और बाड्डो पट्टी सहित कई गांवों में जनसभाएं आयोजित की गईं। इन बैठकों में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, महिलाएं और युवा शामिल हुए।
बैठकों को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पिछले साल आई बाढ़ ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई थी। गांवों की निचली बस्तियां और गरीब कॉलोनियां पूरी तरह प्रभावित हुईं। सैकड़ों मकान गिर गए और कई घरों की दीवारों में दरारें आ गईं। हजारों एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि खेतों में रखे ट्यूबवेल, कृषि उपकरण, चारा और घरेलू सामान पानी में बह गए।
नेताओं ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी तबाही के बावजूद सरकार ने अब तक प्रभावित परिवारों को कोई मुआवजा नहीं दिया है। न तो सही ढंग से गिरदावरी कराई गई और न ही नुकसान का सही आंकलन किया गया। आज भी अनेक परिवार टूटे मकानों और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला सचिव रोहतास राजली ने चेतावनी देते हुए कहा कि बधावड़ महापंचायत में बाढ़ प्रभावित गांवों से हजारों लोग भाग लेंगे। यदि सरकार ने समय रहते बाढ़ का स्थाई समाधान नहीं किया और प्रभावितों को पूरा मुआवजा नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
प्रमुख मांगें
- बाढ़ प्रभावित सभी परिवारों को मकान, फसल और अन्य संसाधनों के नुकसान का 100 प्रतिशत मुआवजा दिया जाए।
- बाढ़ रोकने के लिए ड्रेन, पाइपलाइन अथवा अन्य स्थाई प्रबंध किए जाएं।
- जिन गरीब परिवारों के मकान नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तुरंत मकान उपलब्ध कराए जाएं।
- खराब हुई फसलों का मुआवजा तत्काल जारी किया जाए।
बैठकों को किसान सभा के जिला सचिव शर्बत पूनिया, खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला सचिव रोहतास Rajli, किसान सभा के तहसील सचिव मा. कर्मवीर, सचिव सत्यवान रेड्डू, मा. फूल सिंह, श्रवण ढाणी गारण, रमेश बूरा, चंद्र, जीवन सिंह, जितेंद्र बधावड़, बलजीत सिहाग, अभेराम जांगड़ा, धर्मबीर वर्मा और फूल कुमार बहबलपुरिया सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया।








